कांग्रेस सरकार में कसुंपटी को कभी नहीं मिली कैबिनेट में जगह
HNN / शिमला
कसुंपटी निर्वाचन क्षेत्र की जनता विधायक अनिरूद्ध सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से पुरजोर मांग की जा रही है। लोगों को उम्मीद है कि वर्षों के इंतजार के उपरांत इस बार सुक्खू मंत्रीमंडल में अनिरूद्ध सिंह को अवश्य स्थान मिलेगा। बता दें कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा के इतिहास में आज तक कांग्रेस के शासनकाल में कसुंपटी निर्वाचन क्षेत्र से किसी भी विधायक को मंत्री पद नसीब नहीं हुआ है।
हालांकि भाजपा की धूमल सरकार में रूपदास कश्यप को राज्य मंत्री का पद मिला था जबकि शांता सरकार में संसदीय सचिव बनाए गए थे। कसुंपटी निर्वाचन क्षेत्र से अब तक छः विधायक रह चुके हैं, जिसमें ठियोग क्षेत्र से संबध रखने वाले साधराम, उसके उपरांत धामी से सीता राम, शौंकिया राम कश्यप, चिंरजी लाल, दो बार सोहनलाल कश्यप रहे थे। वर्ष 2012 में कसुंपटी निर्वाचन क्षेत्र अनारक्षित होने पर अनिरूद्ध सिंह तीसरी बार लगातार विधानसभा पहुंच चुके हैं।
कसुंपटी को कैबिनेट में स्थान न मिलने से इस निर्वाचन क्षेत्र का सही परिप्रेक्ष्य में विकास भी नहीं हो पाया है। कसुंपटी कांग्रेस मंडल के अध्यक्ष रामकृष्ण शांडिल, पूर्व अध्यक्ष अतर सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष दयाराम वर्मा, भूपेन्द्र कंवर, नरेन्द्र ठाकुर, बालक राम निर्मोही, मंडल सचिव सुरेन्द्र सोडी, दौलत राम मेहता, नारायण सिंह ठाकुर, बाबूराम कश्यप सहित कांग्रेस मंडल के अनेक पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री से कसुंपटी विस को कैबिनेट में स्थान देने की पुरजोर मांग की गई है।
दयाराम वर्मा का कहना है कि कसुंपटी निर्वाचन क्षेत्र के साथ कांग्रेस की सरकारों में हमेशा ही सौतेला व्यवहार होता रहा है जबकि बीते पांच विधानसभा चुनाव में कसुंपटी की जनता ने लगातार कांग्रेस पार्टी का भरपूर समर्थन किया है इसके बावजूद भी कसुंपटी विधानसभा क्षेत्र आज भी समग्र विकास को तरस रहा है।