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मेहनतकश हाथों को मिला कामगार कल्याण बोर्ड का सहारा, बच्चों के सपनों में भरे रंग

By हिमांचलनाउ डेस्क नाहन Published: 4 Mar 2026, 7:10 PM | Updated: 4 Mar 2026, 7:11 PM 1 min read

ऊना जिले में एक मेहनतकश परिवार को कामगार कल्याण बोर्ड से मिली आर्थिक सहायता ने बच्चों की पढ़ाई का रास्ता आसान बना दिया। शिक्षा सहायता के रूप में मिली मदद से अब परिवार के बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिली है।

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

आर्थिक तंगी के बीच बच्चों की पढ़ाई बनी चिंता

ऊना जिले के बसाल क्षेत्र में रहने वाले नरेश कुमार का परिवार मेहनत-मजदूरी पर निर्भर है। रंग-रोगन का काम करने वाले नरेश की मासिक आय लगभग 10 से 12 हजार रुपये है, जिससे छह सदस्यों के परिवार का गुजारा करना ही मुश्किल हो जाता था। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई का खर्च उनके लिए सबसे बड़ी चिंता बन गया था।

पढ़ाई जारी रखने का सपना

नरेश की बेटी पूजा आगे पढ़कर एमए करना चाहती थीं, जबकि बेटा आईटीआई कर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहता था। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए दोनों बच्चे कई बार अपनी इच्छाएं दबा लेते थे ताकि पिता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

कामगार कल्याण बोर्ड से मिली बड़ी राहत

इसी दौरान हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड से मिली आर्थिक सहायता ने इस परिवार की मुश्किलें कम कर दीं। शिक्षा से जुड़े खर्चों के लिए नरेश कुमार के परिवार को बोर्ड की ओर से 1 लाख 8 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिससे बच्चों की पढ़ाई का रास्ता आसान हो गया।

बेटी कर रही एमए, बेटा आईटीआई में कर रहा प्रशिक्षण

अब परिवार के हालात पहले से बेहतर हैं। पूजा डिग्री कॉलेज ऊना से एमए इकोनॉमिक्स की पढ़ाई कर रही हैं और आगे चलकर प्रोफेसर बनने का सपना देख रही हैं। वहीं उनका बेटा गगरेट से आईटीआई का प्रशिक्षण ले रहा है और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

सरकार की योजनाओं से श्रमिकों को मिल रहा सहारा

नरेश कुमार ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस योजना से उनके बच्चों को पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिला है। उनके लिए इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है।

सैकड़ों परिवारों को मिल रहा लाभ

यह केवल नरेश कुमार की कहानी नहीं है, बल्कि ऊना जिले में ऐसे कई श्रमिक परिवार हैं जिन्हें हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाओं से लाभ मिल रहा है और उनके बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिल रही है।

कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाओं का व्यापक लाभ

कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हजारों पंजीकृत निर्माण कामगारों तक पहुंच रहा है। सरकार श्रमिकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है।

पात्र कामगारों तक योजनाएं पहुंचाने पर जोर

उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है कि कोई भी पात्र निर्माण कामगार इन योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए जागरूकता और समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

श्रमिकों के लिए कई तरह की सहायता योजनाएं

जिला श्रमिक कल्याण अधिकारी अमन शर्मा ने बताया कि बोर्ड के तहत शिक्षा सहायता, मातृत्व लाभ, विवाह सहायता, चिकित्सा सहायता और पेंशन सहित कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें शिक्षा के लिए पहली कक्षा से पीएचडी तक 8400 रुपये से लेकर 1.20 लाख रुपये तक की सहायता, विवाह के लिए 51-51 हजार रुपये, चिकित्सा सहायता में 50 हजार से 5 लाख रुपये तक की मदद और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाएं शामिल हैं।