खजूरना पुल के पास पेड़ गिरने से एनएच-07 पर घंटों तक यातायात बाधित, जर्जर पुल बना मुसीबत
खजूरना मारकंडे पुल से अब नहीं गुर्जर पाएंगे 10 टन से अधिक वजन लेकर बड़े वाहन, एनएच अथॉरिटी ने प्रशासन को किया सूचित
हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन
सिरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर खजूरना पुल के समीप शुक्रवार को एक विशाल पेड़ के अचानक धराशायी होने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। पेड़ गिरने के कारण चंडीगढ़ और देहरादून की ओर जाने वाले वाहनों की दोनों तरफ लगभग दो किलोमीटर तक लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को दो घंटे से अधिक समय तक भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
इस यातायात व्यवधान को और बढ़ाने वाली बात यह रही कि खजूरना में स्थित 1965 में निर्मित पुराना पुल भी जर्जर हालत में है, जिसकी रेलिंग पहले ही टूट चुकी है।
इस कारण पुल पर यातायात पहले से ही धीमी गति से चल रहा था।घटना की जानकारी मिलते ही एनएच अथॉरिटी जिला सिरमौर की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सड़क से पेड़ हटाने के कार्य में जुट गई। भारी पेड़ होने के कारण इसे हटाने में काफी समय लग गया।बता दें कि काला अंब से पोंटा साहिब तक एनएच-07 को फोरलेन में परिवर्तित करने के लिए तकनीकी डीपीआर तैयार की जा रही है।
इसी बीच, दशकों पुराने और जर्जर हो चुके आर्च ब्रिज के विकल्प के तौर पर मारकंडेय नदी पर, पुराने पुल से लगभग 400 मीटर की दूरी पर एक नया पुल निर्माणाधीन है।
फिलहाल, नदी पर कोई अन्य वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध न होने के कारण, पुराने पुल का उपयोग जोखिम उठाकर किया जा रहा है।एनएच अथॉरिटी ने पुल की खतरनाक स्थिति के बारे में पहले ही जिला प्रशासन को सूचित कर दिया है।
साथ ही, पुल की बिगड़ती हालत को देखते हुए इस पर 10 टन से अधिक वजनी वाहनों के गुजरने पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। पुल की जर्जरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी रेलिंग स्वतः ही टूटकर गिर गई थी।
एनएच द्वारा लगभग ₹180,000 के बजट में पुल की मरम्मत का कार्य निविदा के माध्यम से कराया जा रहा है।एनएच नाहन के अधिशासी अभियंता राकेश खंडूजा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एनएच पर पेड़ गिरने के कारण यातायात बाधित रहा।
उन्होंने मारकंडेय नदी पर बने खजूरना पुल की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जर्जर पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है और इसकी सूचना जिला प्रशासन को भी भेज दी गई है।