गोपी श्री’ ब्रांड के नाम पर बिकने जा रहा था 3 हजार लीटर संदिग्ध देसी घी, फूड सेफ्टी विभाग की बड़ी कार्रवाई
हिमाचल नाऊ न्यूज़
पंजाब के लुधियाना जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत फूड सेफ्टी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दीप नगर स्थित एक गोदाम से ‘गोपी श्री’ ब्रांड के नाम से पैक किया जा रहा करीब 3,000 लीटर संदिग्ध देसी गाय का घी जब्त किया है। विभाग के अनुसार इस घी को बाजार में ऊंची कीमत पर बेचने की तैयारी थी। मामले की जांच जारी है और लैब रिपोर्ट आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घी की खेप गुजरात से मंगवाई गई थी। इसे करीब 400 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा गया था, जबकि पैकिंग पर 700 रुपये प्रति लीटर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) अंकित था। कीमत में भारी अंतर और अन्य तथ्यों के आधार पर विभाग को उत्पाद पर संदेह हुआ, जिसके बाद छापेमारी की गई।
कार्रवाई के दौरान फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने ‘गोपी श्री’ ब्रांड के घी के नमूने लेकर उन्हें सरकारी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही खरीद-बिक्री से जुड़े बिल, परिवहन दस्तावेज और उत्पाद की लेबलिंग की भी गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि लैब रिपोर्ट में उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे तैयार किया जाता है नकली देसी घी
खाद्य विशेषज्ञों के अनुसार मिलावटखोर अधिक मुनाफे के लिए सस्ते पाम ऑयल, रिफाइंड तेल और वनस्पति घी को मिलाकर उसमें कृत्रिम खुशबू, रंग और अन्य रसायन मिलाते हैं, जिससे वह देखने और सूंघने में असली देसी घी जैसा प्रतीत होता है। कई मामलों में दानेदार बनावट देने के लिए स्टार्च या अन्य पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि गंभीर मामलों में जानवरों की चर्बी और हानिकारक रसायनों के उपयोग की भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
उपभोक्ता रहें सतर्क
विशेषज्ञों का कहना है कि हमेशा विश्वसनीय विक्रेता से ही घी खरीदें। बेहद कम कीमत पर मिलने वाले घी से सावधान रहें और खरीदते समय पैकिंग, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि तथा सील की अच्छी तरह जांच करें। यदि किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह हो तो उसकी सूचना संबंधित विभाग को दें।फूड सेफ्टी विभाग की यह कार्रवाई एक बार फिर इस बात की चेतावनी है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। ऐसे में जागरूक उपभोक्ता ही इस तरह की धोखाधड़ी से खुद और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।