HNN/मंडी
मंडी में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की विशेष अदालत ने चरस तस्करी के मामले में दो दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास सहित एक-एक लाख रुपए जुर्माना की सज़ा सुनाई है। यदि दोषी किसी सूरत में जुर्माना अदा नहीं करते तो उन्हें एक-एक साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। दोषियों की पहचान रजत कुमार पुत्र मंजु राम गांव अपर दारटी (लाहला) तहसील पालमपुर जिला कांगड़ा और रिजुल चौधरी पुत्र सुरेश कुमार गांव हंगलोह के रूप में हुई है।
बता दें कि मामला 9 जुलाई 2021 का है। जब पुलिस की टीम का एक निजी वाहन में गश्त पर तैनात था। इसी दौरान गुम्मा की ओर से जोगिंद्रनगर की ओर एक मारुति कार आई। पुलिस ने वाहन को रुकने का इशारा किया तो चालक ने वाहन को सड़क के किनारे रोक दिया। कार में दोनों आरोपी मौजूद थे और एक आरोपी ने अपनी गोद में एक कैरी बैग रखा हुआ था। पुलिस ने आरोपियों से वाहन के दस्तावेजों की मांग की तो चालक आरोपी का कहना था कि दस्तावेज घर पर रह गए हैं।
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वहीं जब पुलिस ने आरोपी गोद में रखे गए कैरी बैग के बारे में पूछा तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। जिसके बाद पुलिस ने शक के आधार पर कैरी बैग की तलाशी ली तो उस में से 1.505 किलोग्राम चरस बरामद हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी। पुलिस की छानबीन पूरी होने के बाद आरोपियों पर अदालत में अभियोग चलाया गया था।
वहीं अदालत में इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि अदालत में इस मामले से संबंध में 13 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। जिसके बाद ही अदालत ने दोनों दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास सहित एक-एक लाख रुपए जुर्माना की सज़ा सुनाई है। उन्होंने बताया कि यदि दोषी किसी सूरत में जुर्माना अदा नहीं करते तो उन्हें एक-एक साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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