चुनाव आयोग की बड़ी घोषणा: 5 राज्यों में बजने जा रहा है चुनावी बिगुल, जानें क्या है सीटों का समीकरण
नई दिल्ली:
भारतीय चुनाव आयोग आज रविवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पांच प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों—पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी—में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान करने जा रहा है। इन पांचों क्षेत्रों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सभी दलों की नजरें आयोग द्वारा घोषित होने वाले चुनावी शेड्यूल पर टिकी हैं।
पश्चिम बंगाल: सबसे बड़ी सियासी जंग
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के लिए यह साख की लड़ाई है। राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों पर बहुमत के लिए 148 का आंकड़ा जरूरी है। पिछले चुनाव (2021) में टीएमसी ने 213 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया था, जबकि भाजपा 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी थी। बंगाल में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनजर इस बार भी चुनाव कई चरणों में कराए जा सकते हैं।
असम: साख बचाने की चुनौती
असम की 126 विधानसभा सीटों पर भी आज तारीखों का ऐलान होना है। यहां बहुमत के लिए 64 सीटों की आवश्यकता होती है। साल 2021 के चुनावों में भाजपा गठबंधन ने 75 सीटें जीतकर दोबारा सत्ता हासिल की थी, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन 50 सीटों पर सिमट गया था। परिसीमन के बाद असम में यह पहला बड़ा चुनाव होगा, जिस पर सबकी नजरें हैं।
दक्षिण के राज्य: तमिलनाडु और केरल का समीकरण
तमिलनाडु की 234 सीटों पर सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी, इसका फैसला भी जल्द होने वाला है। पिछले चुनाव में एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाले डीएमके गठबंधन ने 159 सीटें जीतकर एआईएडीएमके को सत्ता से बाहर किया था। वहीं पड़ोसी राज्य केरल में, जहां कुल 140 सीटें हैं, एलडीएफ (LDF) ने 99 सीटें जीतकर इतिहास रचा था। केरल में अमूमन एक ही चरण में मतदान संपन्न कराया जाता है।
पुडुचेरी: छोटा केंद्र शासित प्रदेश, बड़ी लड़ाई
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों के लिए भी आज चुनावी बिगुल बजने वाला है। यहां बहुमत का आंकड़ा 16 है। पिछले चुनावों में एनआर कांग्रेस और भाजपा के गठबंधन ने यहां सरकार बनाई थी।
आज होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग इन राज्यों में सुरक्षा बलों की तैनाती, मतदान केंद्रों की संख्या और नामांकन की तारीखों का विस्तृत विवरण साझा करेगा। आयोग की इस घोषणा के साथ ही इन सभी राज्यों में आदर्श चुनाव आचार संहिता भी लागू हो जाएगी। बरहाल देखना यह भी होगा कि जहां जगत प्रकाश नड्डा के हाथ में बीजेपी की कमान थी तो वह भाजपा के लिए भाग्यशाली साबित हुए थे अब नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के मिलने के बाद क्या बीजेपी को गुड लक मिलेगा या नहीं यह देखना भी बाकी है।