जलमूसा नदी में अवैध खनन से खतरा: पहाड़ियां दरकने लगीं, ग्रामीणों ने वन विभाग पर लगाए मिलीभगत के आरोप
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की मांग, कहा – ‘नदी बदल रही है अपना रुख
हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन :
जलमूसा नदी में हो रहा बेरोकटोक अवैध खनन अब बड़ा खतरा बनता जा रहा है। पंचायत बड़ाबन के ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन के कारण अब नदी के किनारे की पहाड़ियां भी दरकने लगी हैं।
इस गंभीर स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह अवैध खनन वन विभाग की मिलीभगत से चल रहा है।
स्थानीय निवासी आलोक, ईश्वर सिंह, धनवीर और अन्य लोगों ने कहा कि खनन माफिया नदी से बड़े पैमाने पर रेत और बजरी निकाल रहे हैं, जिससे न केवल भूमि का कटाव हो रहा है, बल्कि नदी ने भी अपना रास्ता बदलना शुरू कर दिया है।
नदी के बहाव में बदलाव से भविष्य में आसपास के खेतों और घरों को भी बड़ा नुकसान हो सकता है।ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत इस मामले का संज्ञान लेने और अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है।