टू प्लस वन नहीं अब 118 को मिले 5 साल
5 साल भी यदि गैर हिमाचली नहीं कर पाया इस्तेमाल तो जमीन हो जाएगी सरकार की
HNN/ नाहन
विधि सचिव शरद कुमार लगवाल की ओर से बड़ी जानकारी दी गई है कि प्रदेश में लग रहा टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म एक्ट के संशोधन की तमाम प्रक्रिया पूरी हो गई है। राष्ट्रपति से इजाजत मिलने के बाद विधि सचिव शरद कुमार लगवाल की ओर से संशोधित एक्ट की अधिसूचना जारी की गई है।
जारी अधिसूचना के अनुसार गैर हिमाचली को जमीन के इस्तेमाल करने की अवधि को 2 प्लस 1 से बढ़ाकर 5 साल कर दिया गया है। ऐसे में यदि गैर हिमाचली द्वारा प्रदेश में खरीदी गई जमीन का इस्तेमाल 5 साल में भी नहीं हो पाया तो वह जमीन सरकारी खाते में निहित हो जाएगी। बता दें कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 9 में 118 को प्रोटेक्शन दी गई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के द्वारा 1 मार्च 2023 को इस संशोधन को अनुमोदित कर दिया गया है। असल में अभी हिमाचल में जमीन खरीद कर उसका इस्तेमाल करने को लेकर 2 साल की समय अवधि दी जाती है। जिसमें 1 साल का अतिरिक्त समय सरकार के द्वारा विशेष परिस्थितियों में दिया जाता था।
118 की परमिशन में विभाग की ओर से देरी किए जाना अथवा प्रक्रिया में लंबा समय लगना निवेशक को नागवारा गुजरता था। ऐसे में प्रदेश में इन्वेस्टमेंट करने वाले इन्वेस्टर्स को भारी परेशानी भी उठानी पड़ती थी। 118 के चलते बाहरी निवेशक प्रदेश में निवेश करने से भी परहेज करने लग पड़े थे।
जिसका प्रदेश के विकास पर विपरीत फर्क भी पढ़ रहा था। हालांकि इस एक्ट में संशोधन को लेकर जयराम सरकार के द्वारा भी प्रयास किए गए थे। मगर अब धारा 118 के संशोधन को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है।