ऊना जिला में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आज (शुक्रवार) होटल हेवन हाइट्स गगरेट में अंतर्राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण दिवस और समर्थ 2025 अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, शिमला के दिशा-निर्देशानुसार जिला इंटर एजेंसी ग्रुप एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल।
आपदा प्रबंधन पर व्यापक विचार-विमर्श
कार्यशाला की अध्यक्षता तहसीलदार एवं कार्यकारी दंडाधिकारी गगरेट कुलताज सिंह ने की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में बढ़ती जलभराव की समस्या, उसके कारणों, संभावित समाधान और नीतिगत सुधारों पर चर्चा करना है। इस दौरान भूस्खलन, सुरक्षित निर्माण अभ्यास और आपदा प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया ताकि भविष्य में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
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तकनीकी विशेषज्ञों ने साझा किए समाधान
कार्यक्रम के दौरान जिला इंटर एजेंसी ग्रुप के कन्वीनर प्रो. जसबीर सिंह ने बताया कि कार्यशाला में जलभराव, भूस्खलन और जंगल की आग जैसी आपदाओं के कारणों व उनसे निपटने की रणनीतियों पर गहन मंथन हुआ। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, उपायुक्त कार्यालय ऊना के प्रशिक्षण समन्वयक राजन कुमार शर्मा ने जिला ऊना की विभिन्न आपदाओं और हैज़र्ड प्रोफाइल पर प्रस्तुति दी।
आईआईटी ऊना टीम ने दी तकनीकी जानकारी
दूसरे सत्र में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) ऊना के डॉ. प्रिंस शर्मा व उनकी टीम ने आपदा प्रबंधन में तकनीकी नवाचार और सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग पर सत्र संचालित किया। वहीं, लोक निर्माण विभाग दौलतपुर चौक के कनिष्ठ अभियंता गौरव ने सुरक्षित निर्माण अभ्यास से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया।
सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी
इस कार्यशाला में तहसील कार्यालय घनारी के कानूनगो सतीश चौधरी, जिला इंटर एजेंसी ग्रुप के सदस्य, गैर सरकारी संगठन अंकुर, मनीषा, एनजीओ एक मौका, एक उम्मीद के प्रतिनिधि और स्थानीय आपदा प्रबंधन स्वयंसेवक शामिल हुए।
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