देश के छह राज्यों में बड़ा फेरबदल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नियुक्त किए नए राज्यपाल, जानिए किसे मिली कहां की कमान
केरल से तमिलनाडु तक बदले राजभवन के चेहरे, चार नए राज्यपालों की नियुक्ति, दो मौजूदा राज्यपालों का तबादला
हिमाचल नाऊ न्यूज़ | नई दिल्ली
देश के छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति को लेकर बड़ा फेरबदल हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक, उत्तराखंड और सिक्किम में नए राज्यपालों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। सोमवार, 12 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार चार नए चेहरों को राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि दो मौजूदा राज्यपालों को दूसरे राज्यों में स्थानांतरित किया गया है। इस फैसले के बाद छह राज्यों के राजभवनों में नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता साफ हो गया है।
राष्ट्रपति के आदेश के अनुसार सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर को केरल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को तमिलनाडु की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अर्लेकर पहले भी तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार संभाल चुके हैं। अब उन्हें इस राज्य का नियमित राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा झारखंड के पलामू संसदीय क्षेत्र से सांसद रह चुके ब्रज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल बनाया गया है। हरियाणा की वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक के राज्यपाल पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मध्य प्रदेश के पूर्व सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल बनाया गया है।
इस फेरबदल में भाजपा की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे कई वरिष्ठ नेताओं को संवैधानिक पदों पर जिम्मेदारी मिली है। विशेष रूप से सुधा यादव, दुष्यंत गौतम, ब्रज मोहन राम और ढाल सिंह बिसेन की नियुक्तियां राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। इन चारों नेताओं को पहली बार राज्यपाल बनाया गया है।
तमिलनाडु में राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर की नियुक्ति भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राज्य सरकार और राजभवन के बीच पूर्व में विभिन्न संवैधानिक एवं प्रशासनिक मुद्दों को लेकर मतभेद सामने आते रहे हैं। ऐसे में अर्लेकर के सामने राज्यपाल के रूप में संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन के साथ सरकार और राजभवन के बीच समन्वय बनाए रखने की चुनौती होगी।
वहीं, उत्तराखंड में डॉ. ढाल सिंह बिसेन की नियुक्ति के साथ राज्य को नया राज्यपाल मिलेगा। कर्नाटक में डॉ. सुधा यादव और सिक्किम में दुष्यंत गौतम की नियुक्ति से भी राजभवनों में नए नेतृत्व की शुरुआत होगी।
राष्ट्रपति भवन की ओर से 12 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि सभी छह नियुक्तियां संबंधित राज्यपालों के अपने-अपने पदों का कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी।