दो दिवसीय ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षक एवं प्रमाणन कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न
ऊना में पंजाब नेशनल बैंक द्वारा संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) रामपुर में दो दिवसीय ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षक एवं प्रमाणन कार्यक्रम का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों से आठ अभ्यर्थियों ने भाग लिया और सैद्धांतिक तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
प्रशिक्षुओं को मिला प्रमाणित प्रशिक्षक का दर्जा
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों की योग्यता का आकलन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) और व्यावहारिक मूल्यांकन के माध्यम से किया गया, जो हिमाचल प्रदेश सरकार के निर्माणाधीन भवन में आयोजित हुआ। सभी सफल अभ्यर्थियों को प्रमाणित ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षक का दर्जा प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि ने दिए स्वरोजगार के सूत्र
कार्यक्रम के समापन अवसर पर पीएनबी ऊना के मुख्य प्रबंधक पीयूष मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने प्रशिक्षुओं को बैंकिंग सेवाओं और स्वरोजगार से जुड़ी संभावनाओं पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के सहयोग से संचालित है और ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा पूर्णतः वित्तपोषित है।
राज्यभर में 1150 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण का लक्ष्य
मुख्य प्रबंधक ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में हिमाचल प्रदेश में 1,150 उम्मीदवारों को ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को बढ़ाना और स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है।
सफल प्रशिक्षण के बाद नई संभावनाएं
आरसेटी ऊना के निदेशक सुधीर शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण और प्रमाणन पूर्ण करने के उपरांत प्रतिभागी अब ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षक के रूप में कार्य कर सकेंगे तथा देशभर में पीएमएवाई के तहत कौशल विकास और आवास योजनाओं में योगदान दे सकेंगे।
अंतिम दिवस पर उपस्थित रहे अधिकारी
कार्यक्रम में आरसेटी ऊना के निदेशक सुधीर शर्मा, राज्य नियंत्रक डॉ. अंबिका साहू और अन्य संकाय सदस्य भी मौजूद रहे। सभी ने प्रशिक्षुओं के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।