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धान की फसल बर्बाद होने पर दिया गया 57.50 लाख रुपए का मुआवजा

Ankita • 2 Apr 2023 • 1 Min Read

फसल बीमा योजना के तहत किसानों के खाते में जारी की गई राशि

HNN/ नाहन

प्राकृतिक आपदाओं के कारण जिला सिरमौर के किसानों की बर्बाद हुई धान की फसल को मुआवजा के रूप में सिरमौर जिला के किसानों को करीब साढ़े 57.50 लाख रुपए की राशि जारी की गई है। यह मुआवजा राशि गत वर्ष धान की फसल के खराब होने के कारण किसानों को हुए नुक्सान की एवज में धान की फसल के किए गए बीमा के तहत दी गई है।

सिरमौर जिला के 945 किसानों के बैंक खातों में 57.50 रुपए की राशि जमा करवाई गई है। कृषि उपनिदेशक जिला सिरमौर डॉ राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि इसके अलावा सिरमौर जिला 672 किसानों में से 93 किसानों को मक्की की बर्बाद हुई फसल की एवज में 48,918 रुपए मुआवजा संबंन्धित बीमा कंपनी द्वारा जारी की गई है।

उन्होंने कहा कि यह लाभ किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत उनके बैंक खातों में जारी कर दिया गया है। गौर हो कि गत वर्ष सिरमौर जिला में धान की फसल में वायरस की वजह से किसानों को भारी नुक्सान हुआ था। किसानों की कई क्विंटल धान की फसल वायरस के कारण बर्बाद हो गई थी, जिसको लेकर कृषि विभाग में किसानों की धान व मक्की की फसल का बीमा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किया था।

इस योजना के अंतर्गत खरीफ में मक्का व धान के अलावा रवि की फसल में गेहूं व जो की फसलों को प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, ओलावृष्टि ,बाढ़ कीटों बीमारियों व अन्य रोग आदि के कारण उपज होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को बीमा सुरक्षा प्रदान की गई थी।

डॉक्टर राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान गत वर्ष खरीफ में धान की फसल के लिए जिला सिरमौर में 976 में से 945 जबकि मक्की की फसल के तहत 672 में से 93 किसानों को कृषि फसल बीमा योजना के तहत संबंधित कंपनी की ओर से उनके बैंक खातों में मुआवजा राशि जारी की गई है।

उन्होंने किसानों से अपील की कि किसान खरीफ और रबी की फसलों का बीमा अवश्य कराएं ताकि उन पर किसी प्रकार का आर्थिक संकट ना आए। गौर हो के सभी किसानों के लिए पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना हिमाचल प्रदेश में लागू की गई है। इसे राज्य के दो कलस्टर में लागू किया गया है, जिसमें जिला सिरमौर के किसानों को भी शामिल किया गया है।

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा इस योजना को सभी किसानों के लिए सुरक्षित कर दिया गया है। जो किसान इस योजना में शामिल नहीं होना चाहते उन्हें अपना घोषणापत्र संबंधित वित्तीय संस्थान में बीमा की अंतिम पंजीकरण तिथि से 7 दिन पहले तक अनिवार्य रूप से जमा करवाना होगा। अन्यथा वह स्वयं ही बैंक द्वारा बीमा कृत किए जाएंगे।

गौर हो के सिरमौर जिला में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गेहूं की फसल का प्रति हेक्टेयर 30,000 रुपए बीमा राशि का प्रीमियम 36 रुपए निर्धारित किया गया था। जबकि जो की फसल का प्रति हेक्टेयर 25,000 रुपए का बीमा करने के लिए 30 रुपए प्रति बीघा जबकि लहसुन की फसल के प्रति हेक्टेयर 75,000 रुपए की बीमा राशि के लिए 300 रुपए प्रति बीघा की प्रीमियम राशि निर्धारित की गई है।

खरीफ की फसल में मक्की के लिए 30,000 रुपए की प्रति हेक्टेयर बीमा राशि के लिए 48 रुपए प्रति बीघा प्रीमियम रखा गया था जबकि धान की फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 30000 रुपए के बीमा राशि के लिए 48 रुपए प्रीमियम रखा गया था। कृषि उपनिदेशक जिला सिरमौर राजेंद्र ठाकुर ने किसानों से अपील की कि वह खरीफ सीजन में धान और मक्की जबकि रबी सीजन में गेहूं व जौ की फसल का बीमा करवाएं ताकि प्राकृतिक आपदाओं से हो रहे फसल के नुक्सान का मुआवजा उन्हें मिल पाए।