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नाहन छावनी में धूमधाम से मनाया गया हरतालिका तीज पर्व

Shailesh Saini 24 Aug 2025 Edited 24 Aug 1 min read

गोरखा समाज की महिलाओं ने दी शानदार प्रस्तुतियां, म्यूजिकल चेयर और मेहंदी प्रतियोगि में दिखा महिलाओं का जलवा

हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन:

हर वर्ष की तरह इस बार भी सिरमौर गोरखा एसोसिएशन के सौजन्य से लोअर छावनी में हरतालिका तीज पर्व बड़े ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम शहर का मुख्य आकर्षण केंद्र रहा, जिसमें गोरखा समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

गोरखा एसोसिएशन की परंपरा के अनुसार, इस पर्व का शुभारंभ समाज की सबसे वरिष्ठ महिला विजयलक्ष्मी गुरुंग के हाथों से हुआ। 80 वर्षीय विजयलक्ष्मी गुरुंग ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की, जहां मौजूद सभी महिलाओं और बच्चियों ने उनके चरण छूकर आशीर्वाद लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत किरण थापा ग्रुप की सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद सोनिया थापा और काजल राणा के ग्रुप ने नेपाली परंपरागत गीतों पर मनमोहक गोरखाली नृत्य पेश किए, जो दर्शकों के बीच काफी सराहे गए।

इन ग्रुप्स ने भारतीय सेना के पराक्रम को दर्शाती हुई वीर कथाएं भी प्रस्तुत कीं।इस अवसर पर आयोजित मेहंदी प्रतियोगिता में शिवानी गुरुंग ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि वर्षा थापा दूसरे और तापूर राणा तीसरे स्थान पर रहीं।

म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में गमन गुरुंग ने बाजी मारी।इस दौरान जिला सिरमौर गोरखा एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत सिंह राणा, महासचिव कविंद्र राणा, सतपाल गुरुंग, गोविंद सिंह, और मनीष राणा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

अध्यक्ष रणजीत सिंह राणा ने अपने संबोधन में कहा कि गोरखा एसोसिएशन का उद्देश्य भारतीय और गोरखा संस्कृति के समन्वय को बनाए रखना है। उन्होंने घर-परिवार में महिला की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया और कहा कि यदि लड़कियां अपनी परंपराओं का निर्वहन करेंगी तो उनका और उनके परिवार का जीवन निश्चित ही खुशहाल बनेगा।

हरतालिका तीज का महत्व और गोरखा समाज की प्रतिबद्धता: विजयलक्ष्मी गुरुंगइस अवसर पर विजयलक्ष्मी गुरुंग ने हरतालिका तीज के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट प्रेम और त्याग का प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। यह पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाता है।

विजयलक्ष्मी गुरुंग ने गोरखा समाज के लिए एसोसिएशन के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि, “सिरमौर गोरखा एसोसिएशन केवल तीज जैसे त्योहारों का आयोजन ही नहीं करता, बल्कि यह हमारी युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखने का भी महत्वपूर्ण कार्य करता है।

यह संगठन हमारी संस्कृति और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा है। यह प्रयास हमें अपनी पहचान को बनाए रखने और समाज को एकजुट करने में मदद करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन हमारे समाज में एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं।