नाहन शहर की शान तरुण धवन का आकस्मिक निधन, मिलनसार व्यक्तित्व के जाने से शहर में शोक की लहर
अब शादी-ब्याह व अन्य समारोहों में ‘पानी वाले भाई’ तरुण नजर नहीं आएंगे, शहर ने खोया एक अनमोल रत्न
नाहन:
नाहन शहर के जाने-माने व्यक्तित्व तरुण धवन का रविवार सुबह अचानक हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। करीब 47-48 वर्ष की आयु में तरुण धवन का इस तरह दुनिया से चले जाना हर किसी को स्तब्ध कर गया है।
वे अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार और ढेरों यादें छोड़ गए हैं।तरुण धवन एक बेहद मिलनसार और सामाजिक व्यक्ति थे। उन्होंने अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए मेहनत और लगन के साथ मिनरल वॉटर का व्यवसाय शुरू किया था।
शहर की हर शादी और खुशी के मौके पर अपनी मुस्कराहट से मिठास घोलने वाले तरुण अब कभी नजर नहीं आएंगे। उनकी शख्सियत ऐसी थी कि वे सिर्फ पानी की सप्लाई ही नहीं करते थे, बल्कि हर आयोजन में एक पारिवारिक सदस्य की तरह खड़े नजर आते थे।
उनके पानी के व्यवसाय के साथ-साथ साउंड और डीजे के क्षेत्र में भी उनकी विशेष पहचान थी। वे न केवल एक सफल व्यवसायी थे, बल्कि स्कूली कार्यक्रमों में बेहतरीन मंच संचालन के लिए भी जाने जाते थे।
मंच के माध्यम से वे अक्सर बच्चों को नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की प्रेरणादायक नसीहत दिया करते थे।पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो तरुण धवन के पिता आर्मी एमईएस में अधिकारी रहे, जबकि उनके भाई मेजर दीपक धवन वर्तमान में सैनिक कल्याण बोर्ड के उपनिदेशक के पद पर सेवाएं दे रहे हैं।
तरुण का अचानक जाना न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे नाहन शहर के लिए एक ऐसी रिक्तता छोड़ गया है जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। नियति का क्रूर खेल देखिए कि जिस व्यक्ति ने अपनी पूरी उम्र दूसरों के कार्यक्रमों में खुशियां और उत्साह भरने में लगा दी, आज वही सबको गमगीन कर अनंत यात्रा पर निकल गया।
उनके आकस्मिक निधन पर विधायक अजय सोलंकी, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनय गुप्ता, पूर्व पार्षद कपिल गर्ग, पार्षद राकेश गर्ग उर्फ पपली, कांग्रेसी नेता अनिल कुमार उर्फ टिप्पू और सड़क सुरक्षा क्लब के अध्यक्ष नरेन्द्र तोमर ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
इसके अलावा शहर के प्रतिष्ठित लायंस क्लब, रोटरी क्लब व अन्य सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों ने भी तरुण धवन के निधन को अपूरणीय क्षति बताया है। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोक संतप्त परिवार को यह भारी दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।