नाहन-शिमला एनएच-907ए बना नदी, जल निकासी पर उठे गंभीर सवाल
तेज बहाव में स्कूटर-मोटरसाइकिल सड़क पर बहे, कारों में घुसा पानी; लोगों के घरों में भी भर गया बारिश का पानी
हिमाचल दस्तक ब्यूरो | नाहन
मंगलवार देर सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने जिला सिरमौर में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। नाहन से कुम्हारहट्टी-शिमला की ओर जाने वाला नेशनल हाईवे-907ए करीब दो घंटे से अधिक समय तक बाधित रहा। आईटीआई से कार्मल स्कूल और इंटरलॉक टाइल वाले बड़े मोड़ तक हाईवे पर नदी जैसे हालात बन गए।

तेज बहाव के कारण स्कूटर और मोटरसाइकिल सड़क पर ही बह गए, जबकि कई कारों के भीतर तक पानी घुस गया।स्थानीय निवासी, व्यवसायी एवं समाजसेवी विनोज शर्मा ने बताया कि सड़क पर जलभराव की मुख्य वजह बरसाती पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था का अभाव है।
खंड विकास अधिकारी कार्यालय से इंटरलॉक टाइल वाले मोड़ तक केवल एक संकरी नाली बनाई गई है, जो बारिश के दौरान कचरे से भरकर पूरी तरह चोक हो गई। इसके अलावा, जहां बरसाती पानी की निकासी के लिए कलवर्ट बनाए जाने चाहिए थे, वहां छोटे पाइप डाल दिए गए हैं, जो तेज बहाव के सामने नाकाफी साबित हुए।निकासी व्यवस्था ठप होने के कारण भारी मात्रा में बारिश का पानी सीधे हाईवे से होकर बहने लगा।

पानी का बहाव इतना तेज था कि लोगों को ऐसा महसूस हुआ मानो क्षेत्र में बादल फट गया हो। इस दौरान कई वाहन चालक बीच रास्ते फंस गए और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।स्थानीय लोगों ने प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांग की है कि खंड विकास अधिकारी कार्यालय से सासडू की बावड़ी तक स्थायी एवं वैज्ञानिक जल निकासी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
विनोज शर्मा ने बताया कि सड़क से होकर गुजरने वाला पानी आसपास के कई घरों में भी घुस गया, जिससे लोगों की घरेलू संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। वहीं, समाचार लिखे जाने तक जिले की चार सड़कें बंद होने की सूचना थी। नेशनल हाईवे-907ए पर भी कई स्थानों पर भूस्खलन होने से यातायात प्रभावित रहा।