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अप्रत्याशित बादल फटने की घटनाएं और सिकुड़ते ग्लेशियर जलवायु परिवर्तन के संकेत : मुख्यमंत्री

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन | 24 फ़रवरी 2026 at 7:17 pm

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने नॉन कार्बन-डाईऑक्साइड एमीशन पर आधारित वैज्ञानिक रिपोर्ट जारी की। साथ ही राज्य में औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए दो एमओए पर हस्ताक्षर किए गए।

शिमला

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रिपोर्ट जारी और एमओए हस्ताक्षरित

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज ‘साइंटिफिक असेसमेंट ऑफ टैकलिंग नॉन कार्बनडाईऑक्साइड एमीशनसः पाथवेज फॉर हिमाचल प्रदेश’ शीर्षक से रिपोर्ट जारी की। इस अवसर पर मैसर्स डाबर इंडिया लिमिटेड और मैसर्स करण सिंह वैद्य, सोलन के साथ राज्य में औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए दो मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) हस्ताक्षरित किए गए।

डाबर इंडिया लिमिटेड के साथ समझौता

पहले एमओए के तहत डाबर इंडिया लिमिटेड प्रदेश के किसानों को प्रतिवर्ष 12 लाख गुणवत्तापूर्ण पौधे (प्रति किस्म के एक लाख) और दस वर्षों में कुल 1.20 करोड़ पौधे (प्रति प्रजाति 10 लाख) उनकी पारिस्थितिकीय अनुकूलता के अनुसार उपलब्ध करवाएगी। निम्न एवं मध्य पहाड़ी क्षेत्रों के लिए आंवला, हरड़, बहेड़ा, काकड़ासिंगी और लोधर जैसी प्रजातियों के पौधे ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सिरमौर जिलों और निचले शिमला क्षेत्र में वितरित किए जाएंगे। मध्य से उच्च पहाड़ी क्षेत्रों के लिए जटामांसी, कुटकी, सुगंधबाला, पदम काष्ठ और पुष्करमूल के पौधे कुल्लू, चंबा, मंडी, ऊपरी शिमला और किन्नौर जिलों में वितरित किए जाएंगे। अल्पाइन प्रजातियां जैसे अतीस और विष किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों के किसानों को उपलब्ध करवाई जाएंगी।

करण सिंह वैद्य, सोलन के साथ समझौता

दूसरा एमओए मैसर्स करण सिंह वैद्य, सोलन के साथ पांच वर्षों की अवधि के लिए हस्ताक्षरित किया गया है। इसके अंतर्गत सोलन जिला में चयनित औषधीय पौधों की खेती, संरक्षण और मूल्य श्रृंखला विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। छह प्राथमिकता वाली प्रजातियों में हल्दी, अश्वगंधा, शतावरी, तुलसी, चिरायता और हिमालयन जेंटियन शामिल हैं। प्रारंभिक चरण में 108 बीघा से अधिक भूमि पर कम से कम 225 महिला किसानों को शामिल किया जाएगा।

ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को देश का पहला हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान वर्ष में 200 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है और युवाओं को सौर परियोजनाओं के लिए सब्सिडी दी जा रही है। नालागढ़ में ऑयल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से एक मेगावाट का ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अप्रैल तक एचआरटीसी के बेड़े में लगभग 300 नई ई-बसें शामिल की जाएंगी। 38,000 टैक्सियों को ई-टैक्सी में परिवर्तित करने के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।

जलवायु परिवर्तन पर चिंता

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण राज्य में बादल फटने, अचानक बाढ़, भूस्खलन और ग्लेशियरों के सिकुड़ने जैसी घटनाएं बढ़ी हैं। वर्ष 2023 की आपदा में 23,000 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए थे। उन्होंने कहा कि हिमालय की स्थिरता पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है और राज्य अपने वैधानिक अधिकारों के लिए संघर्षरत है।

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