लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

“परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम: पीएम मोदी बच्चों को दे रहे गुरुमंत्र, बोले- यह मेरी भी है परीक्षा…

PRIYANKA THAKUR | 27 जनवरी 2023 at 11:56 am

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के जरिए छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में कला उत्सव प्रतियोगिता के लगभग 80 विनर्स और देश भर के 102 छात्र और शिक्षक शामिल हुए हैं। इसके अलावा, देशभर के छात्र, शिक्षक और अभिभावक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पीएम मोदी की ‘परीक्षा पे चर्चा’ देख सकते हैं।

पीएम मोदी, इस कार्यक्रम के जरिए छात्रों के मन से बोर्ड परीक्षा का डर निकालने और बेहतर तैयारी के गुर बता रहे हैं। बता दें कि इस साल परीक्षा पे चर्चा 2023 के लिए लगभग 38.8 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल पंजीकृत छात्रों की संख्या (15.73 लाख) से दोगुना है।

पीएम की बच्चो को सलाह, आपके भीतर की ताकत ही ले जाएगी आगे

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

बच्चो को सम्बोधित करते हुए पीएम ने कहा कि भले ही कोई नकल कर आपसे कुछ नंबर ज्‍यादा ले आए, मगर वह जिंदगी में आपके लिए रुकावट नहीं बन सकता। आप अपने भीतर की शक्ति पर भरोसा करें। उन्होंने कहा कि समय ऐसा आ गया है कि हर कदम पर एग्‍जाम देना होगा। एक दो एग्‍जाम में नकल कर जिंदगी नहीं बन सकती है। इसलिए ये वातावरण बनाना जरूरी है कि नकल कर आगे बढ़ भी गए लेकिन आगे चलकर जिंदगी में फंसे रहोगे।

पीएम ने कहा कि ऐसे कुछ टीचर्स होते हैं जो ट्यूशन पढ़ाते हैं। वे चाहते हैं कि उन्‍हे स्‍टूडेंट्स अच्‍छे नंबर लाएं इसलिए वे ही नकल को बढ़ावा देते हैं। पीएम ने कहा कि छात्र नकल के लिए जितनी क्रिएटिविटी दिखाते हैं, उतनी पढ़ाई के लिए दिखाएं तो नकल की जरूरत नहीं पड़ेगी। पीएम ने बच्चो से कहा कि क्‍या आपने कभी अपनी मां के काम को ऑब्‍जर्व किया है?

मां दिन के हर काम का टाइम मैनेजमेंट सबसे अच्‍छी तरह से करती है। मां के पास सबसे ज्‍यादा काम होता है, मगर उसका टाइम मैनेजमेंट इतना अच्‍छा होता है कि हर काम समय पर होता है।

पीएम मोदी की पैरेंट्स को सलाह, अपने सोशल स्‍टेटस का दवाब बच्‍चों पर न डालें

पीएम मोदी ने कहा कि पैरेंट्स अपने बच्‍चों के बारे में बाहर जाकर बड़ी-बड़ी बातें कर देते हैं, और फिर बच्‍चों से वैसी ही उम्‍मीद करते हैं। ऐसे में क्‍या हमें इन दवाबों से दबना चाहिए क्‍या? दिनभर जो कहा जाता है, उसी को सुनते रहेंगे या अपने अंदर झांकेंगे? क्रिकेट में स्‍टेडियम में लोग चौका, छक्‍का चिल्‍लाते रहते है, तो क्‍या खिलाड़ी पब्लिक की डिमांड पर चौके छक्‍के लगाता है? खिलाड़ी केवल गेंद पर ध्‍यान देता है।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]