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पांवटा साहिब में दूध उत्पादकों की अहम बैठक, नकली दूध के खिलाफ एकजुट हुए किसान नेता

Shailesh Saini • 48 Mins Ago • 1 Min Read

गाय का दूध 50 और भैंस का दूध 61 रुपये प्रति लीटर खरीदने पर बनी सहमति, मिलावट मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग

हिमाचल नाऊ न्यूज पांवटा साहिब।

दूध उत्पादक संघ पांवटा साहिब की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को पैराडाइज रिजॉर्ट में अमरजीत सिंह बिट्टा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सरदार महेंद्र सिंह मुख्य अतिथि तथा डॉ. अमित महाजन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष तरसेम सिंह सग्गी, हिमाचल किसान सभा के अध्यक्ष गुरविंदर सिंह गोपी और भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष अविनाश सैनी भी बैठक में प्रमुख रूप से मौजूद रहे।बैठक में दूध उत्पादकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

इसमें सबसे गंभीर मुद्दा बाजार में नकली एवं मिलावटी दूध की बिक्री को लेकर रहा। उपस्थित किसान नेताओं और दूध उत्पादकों ने नकली दूध के खिलाफ सामूहिक रूप से प्रयास करने का संकल्प लिया। बैठक में यह भी सहमति बनी कि नकली या मिलावटी दूध पाए जाने की स्थिति में संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

दूध के खरीद मूल्य पर भी महत्वपूर्ण सहमतिबैठक में दूध उत्पादकों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने को लेकर भी चर्चा हुई। इसमें किसान से गाय का दूध 50 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 61 रुपये प्रति लीटर खरीदने पर सहमति बनी। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य मिलने से डेयरी व्यवसाय को मजबूती मिलेगी।

अविनाश सैनी बोले—किसान के साथ खड़ा रहना ही किसान राजनीति की असली कसौटीभाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष अविनाश सैनी ने बैठक में दूध उत्पादकों के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसान केवल चुनाव के समय याद करने का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

दूध उत्पादक दिन-रात मेहनत कर परिवार और बाजार दोनों की जरूरत पूरी करता है, इसलिए उसके दूध की गुणवत्ता और उचित दाम दोनों सुनिश्चित होना जरूरी है।उन्होंने कहा कि नकली दूध का कारोबार केवल पशुपालक की मेहनत पर चोट नहीं करता, बल्कि आम उपभोक्ता के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है।

ऐसे मामलों में राजनीतिक बयानबाजी से ज्यादा जरूरी है कि संबंधित विभाग जमीन पर प्रभावी कार्रवाई करें।सैनी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों से किए गए वादों और धरातल पर किसानों को मिल रहे लाभ के बीच अंतर को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दूध उत्पादकों को केवल घोषणाओं और आश्वासनों की नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था की जरूरत है जिसमें किसान को उसके उत्पाद का उचित मूल्य मिले और बाजार में मिलावट करने वालों पर कार्रवाई हो।

उन्होंने कहा कि दूध उत्पादकों की आवाज को राजनीतिक दलों की सीमाओं से ऊपर उठकर मजबूती से उठाया जाना चाहिए और पांवटा साहिब के पशुपालकों के हित में सभी किसान संगठनों को मिलकर काम करना चाहिए।

बैठक में मौजूद किसान नेताओं ने भी नकली दूध के खिलाफ अभियान को मजबूत करने तथा दूध उत्पादकों के हितों से जुड़े मुद्दों को संबंधित स्तर पर उठाने पर सहमति जताई।