पांवटा साहिब में पुलिस मुख्यालय की मांग तेज, तीन राज्यों की सीमाओं के चलते मजबूत सुरक्षा तंत्र जरूरी : संयम गुप्ता
पांवटा साहिब, हिमाचल नाऊ न्यूज।
पांवटा साहिब में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर भाजपा युवा मोर्चा मंडल पांवटा साहिब ने प्रदेश सरकार पर पुलिस व्यवस्था मजबूत करने का दबाव बढ़ा दिया है। युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष संयम गुप्ता ने पांवटा साहिब में पुलिस मुख्यालय स्थापित करने के साथ-साथ क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की मांग उठाई है।
उन्होंने कहा कि तीन राज्यों की सीमाओं से सटा पांवटा साहिब सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है, लेकिन मौजूदा पुलिस व्यवस्था बढ़ती चुनौतियों के मुकाबले पर्याप्त नहीं दिखाई दे रही है।संयम गुप्ता ने कहा कि पांवटा साहिब में नशे का कारोबार चिंता का गंभीर विषय बन चुका है।
चोरी सहित अन्य आपराधिक घटनाओं में नशे के आदी युवाओं की संलिप्तता सामने आना समाज और सरकार दोनों के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग से कुछ ही दूरी पर नशे की बिक्री की शिकायतें सामने आना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ केवल नशा करने वालों पर कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
नशे की सप्लाई चेन और अवैध कारोबार से जुड़े लोगों पर कठोर कार्रवाई करनी होगी। तीन राज्यों से होने वाली आवाजाही का फायदा उठाकर नशा तस्करी और अंतरराज्यीय अपराध को अंजाम देने वालों पर निगरानी के लिए पुलिस बल बढ़ाना जरूरी है।संयम गुप्ता ने कहा कि पांवटा साहिब में पुलिस मुख्यालय की स्थापना अब महज प्रशासनिक मांग नहीं, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा की जरूरत बन चुकी है।
पुलिस मुख्यालय बनने से वरिष्ठ अधिकारियों की प्रभावी निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और अंतरराज्यीय अपराधों पर बेहतर नियंत्रण संभव होगा।उन्होंने प्रदेश सरकार से सवाल किया कि जब पांवटा साहिब की भौगोलिक स्थिति इसे सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती है तो यहां मजबूत पुलिस ढांचा क्यों नहीं तैयार किया जा रहा।
उन्होंने मांग की कि पुलिस मुख्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए, अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध करवाया जाए और तीनों राज्यों से जुड़ी सीमाओं पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के साथ नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए।
संयम गुप्ता ने कहा कि सरकार को पांवटा साहिब के युवाओं और आम जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। नशे और अपराध पर लगाम लगाने के लिए अब घोषणाओं नहीं, बल्कि मजबूत पुलिस तंत्र और जमीन पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।
