पारिस्थितिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर शोध व अनुसंधान को बढ़ाव दें एचपीयू- द्रौपदी मुर्मू
HNN/ शिमला
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का यह कर्तव्य है कि वह स्थानीय समुदाय की जरूरतों और इस क्षेत्र के पारिस्थितिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर शोध और अनुसंधान को बढ़ाव दें।
मुर्मू ने यहां हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के 26वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को अनुसंधान तथा नवाचार के माध्यम से किसानों को आधुनिक प्रौद्योगिकी मुहैया कराने में भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं महिलाओं की भागीदारी और प्रगति देखकर खुश हूं। हिमाचल प्रदेश में उच्च शिक्षा में 70 प्रतिशत विद्यार्थी लड़कियां हैं और आज स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या से भी यह बात प्रदर्शित हुई।’’ दीक्षांत समारोह में 111 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया और 99 छात्रों को पीएचडी की उपाधि दी गयी।
राष्ट्रपति ने 10 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किये। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि भारत मजबूत राष्ट्र के रूप में उभर रहा है और युवाओं के पास अनेक क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इसमें अहम भूमिका निभाएगा।
समारोह में कुल 210 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित हुए विद्यार्थियों में 111 गोल्ड मेडल और 99 पीएचडी डिग्री प्रदान की गई। पीएचडी डिग्री पाने वालों में 59 छात्राएं और और 40 छात्र थे। वहीं गोल्ड मेडल पाने वाले 11 विद्यार्थियों में 34 छात्रा और 77 छात्राएं शामिल रहीं। व
पुरस्कृत होने वाली 70 फीसदी छात्राओं को देख हुआ गर्व
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि एचपीयू में पढ़ रहे लगभग एक लाख विद्यार्थियों में से 70 प्रतिशत लड़कियां हैं और दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल, पीएचडी डिग्री पाने वाली और उनके हाथों सम्मानित होने वाले दस विद्यार्थियों में सात छात्राएं थीं।
बेटियों की इस प्रतिभा को देखकर मुझे गर्व होता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय दिव्यांग विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा और छात्रावास की सुविधा दे रहा है, यह सराहनीय पहल है।