प्रदेश में जॉब ऑन सेल की पूर्व प्रथा पर लगेगी रोक- मुख्यमंत्री
HNN / धर्मशाला
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में आयोजित विशाल जन आभार रैली को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार लोगों को पारदर्शी, उत्तरदायी और जवाबदेह प्रशासन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिले भारी जनादेश के लिए कांगड़ा जिले के लोगों का आभार व्यक्त करने के लिए इस जन आभार रैली का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के उपरांत सुखविंदर सिंह सुक्खू का जिले का यह पहला दौरा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार सत्ता-सुख भोगने के लिए नहीं बल्कि व्यवस्था में परिवर्तन के लिए सत्ता में आई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के पश्चात् उन्होंने पहले ही दिन शिमला में बालिका देखभाल संस्थान, टूटीकंडी का दौरान कर इस संस्थान की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। उन्होंने महसूस किया कि बेसहारा बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बहुत कुछ करने की आवश्यकता है क्योंकि सरकार ही इन निराश्रित बच्चों की माता-पिता है।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने 101 करोड़ रुपये की धनराशि से ‘मुख्यमंत्री सुखाश्रय सहायता कोष’ स्थापित करने का निर्णय लिया है, ताकि जरूरतमंद बच्चों और निराश्रित महिलाओं को बुनियादी शिक्षा की सुविधा प्रदान की जा सके। राज्य सरकार ऐसे बच्चों के कौशल विकास, उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण पर होने वाले व्यय को वहन करेगी। ऐसे लोगों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए आवश्यकतानुसार वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी।
पूर्व भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में बिना बजटीय प्रावधान 900 से अधिक संस्थान खोल दिए। विधानसभा चुनावों को देखते हुए पूर्व सरकार ने केवल मतदाताओं को लुभाने के लिए यह सब किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान चल रहे एक बड़े पेपर लीक घोटाले का भंडाफोड़ किया है।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार कांग्रेस पार्टी के वायदे के अनुसार सभी दस गारंटी अक्षरशः लागू करेगी। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लागू किया जाएगा और 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये देने का निर्णय भी शीघ्र लिया जाएगा। इसी प्रकार, शेष गारंटियों का भी चरणबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।