प्रशिक्षण के बाद पीठासीन अधिकारी देंगे परीक्षा, 80 प्रतिशत से कम अंक हुए तो…
HNN/ बिलासपुर
निर्वाचन प्रक्रिया के लिए कर्मचारियों का प्रशिक्षण अनिवार्य अंग है। प्रशिक्षण जितना सघन होगा चुनाव कार्याें को पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता से सम्पन करवाने में उतनी सुगमता रहेगी। चुनाव प्रक्रिया में लगे कर्मचारी प्रशिक्षण के उपरांत किस स्तर तक निपुणता ग्रहण करते है इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी बिलासपुर पंकज राय द्वारा अनुपम प्रयास किया जा रहा है।
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुरूप प्रशिक्षण की प्रक्रिया को ऐसे रूप में क्रियाविन्त किया जाए ताकि प्रशिक्षण की महत्वता की पूर्ति हो सके और प्रत्येक प्रशिक्षु कर्मचारी अधिकारी मतदान प्रक्रिया की ज्ञानवर्धता को ग्रहण कर सके। प्रशिक्षण के उपरांत पीठासीन अधिकारियों के लिए अलग से चुनाव प्रक्रिया संबंधी जानकारी युक्त प्रश्न पत्र तैयार किया गया है। इस परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न प्रशिक्षण व चुनाव प्रक्रिया के दौरान किये जाने वाले कार्यो से सम्बधित 50 प्रश्न अकिंत किये गये है।
पीठासीन अधिकारियों के लिए इस परीक्षा को 80 प्रतिशत अंको से उर्तीण करना अनिवार्य है। जो पीठासीन अधिकारी 80 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करेगा उसे पुनः जिला स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्हाने कहा कि क्योकि पीठासीन अधिकारी मतदान टोलियों का मुखिया होता है प्रशिक्षण की सघनता से जब वो प्रक्रिया की सभी पहलुओं से अवगत होगा तो मतदान प्रक्रिया को सामान्य रूप से सुचारू बनाया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि मतदान केन्द्रों की स्थापना व प्रक्रिया के समय सेक्टर अधिकारी जांच के लिए आएगें। जिला निर्वाचन अधिकारी बिलासपुर पंकज राय ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य जहां प्रशिक्षण प्रक्रिया को मजबूती प्रदान करना है वही पीठासीन अधिकारी भी मतदान प्रक्रिया के सभी पहलुओ से अवगत हो जाएगें। मतदान प्रक्रिया के व्यक्तिगत अनुभवों को एक दूसरे से सांझा करने से भी मतदान प्रक्रिया के बारे में अच्छी तरह सीख पाता है। जब कोई अधिकारी प्रश्न गलत करेगा तो उसके सही उत्तर व प्रक्रिया के बारे में भी सीख जाएगा।