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फर्ज निभाया पूरी निष्ठा से, अब सम्मान के साथ विदाई… 29 वर्षों की सेवाओं के बाद सेवानिवृत्त हुए जितेंद्र सिंह थापा

Shailesh Saini • 4 Hours Ago • 1 Min Read

हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन

सरकारी सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम भी हो सकती है। इस बात को अपने 29 वर्षों के लंबे सेवाकाल में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से साबित किया है जितेंद्र सिंह थापा ने।

डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, नाहन में एमएलटी ग्रेड-1 के पद से शनिवार को सेवानिवृत्त हो रहे जितेंद्र सिंह थापा ने अपने पूरे सेवाकाल में मरीजों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चिकित्सा विभाग में अपनी अलग पहचान बनाई।

अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने बाघथन, सराहां और अंत में नाहन मेडिकल कॉलेज में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। प्रयोगशाला सेवाओं से जुड़े दायित्वों का उन्होंने पूरी जिम्मेदारी, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन किया। उनकी कार्यशैली, अनुशासन और सहज व्यवहार के कारण मरीजों, सहकर्मियों और अधिकारियों के बीच उन्हें हमेशा सम्मान की दृष्टि से देखा गया।

चिकित्सा सेवा के साथ-साथ जितेंद्र सिंह थापा सामाजिक सरोकारों से भी लगातार जुड़े रहे। विशेष रूप से स्वैच्छिक रक्तदान आंदोलन को मजबूत बनाने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने अनेक रक्तदान शिविरों के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ-साथ युवाओं और आम लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया।

जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त उपलब्ध कराने के उनके प्रयासों को आज भी लोग सम्मान के साथ याद करते हैं।यही नहीं, आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए भी वह सदैव आगे रहे। किसी मरीज को इलाज के लिए सहयोग की आवश्यकता हो, किसी परिवार को आर्थिक मदद की जरूरत हो या सामाजिक सरोकारों से जुड़ा कोई अभियान, जितेंद्र सिंह थापा ने हर जिम्मेदारी को पूरी संवेदनशीलता के साथ निभाया।

यही कारण है कि उन्होंने एक कुशल स्वास्थ्यकर्मी के साथ-साथ समाजसेवी के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई।सहकर्मियों का कहना है कि जितेंद्र सिंह थापा ने अपने पूरे सेवाकाल में कभी भी कर्तव्य से समझौता नहीं किया। उनका शांत स्वभाव, सकारात्मक सोच और हर परिस्थिति में सहयोग करने की भावना उन्हें दूसरों से अलग बनाती रही।

यही वजह है कि विभाग के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों में भी उन्हें सम्मान और स्नेह प्राप्त है।उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर 11 जुलाई (शनिवार) को सायं 7 बजे वालिया रिजॉर्ट, जरजा (नाहन) में सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा।

इस समारोह में परिवारजनों, मित्रों, चिकित्सा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा शुभचिंतकों द्वारा उनके 29 वर्षों के उत्कृष्ट सेवाकाल को सम्मानपूर्वक याद किया जाएगा।सरकारी सेवा का एक महत्वपूर्ण अध्याय भले ही आज पूर्ण हो रहा हो, लेकिन सेवा, समर्पण और मानवता के प्रति जितेंद्र सिंह थापा का जुनून यहीं थमने वाला नहीं है।

चिकित्सा सेवा से समाजसेवा तक का उनका सफर आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्हें जानने वाले लोगों का मानना है कि सेवानिवृत्ति उनके जीवन का विराम नहीं, बल्कि समाज और मानवता की सेवा के एक नए अध्याय की शुरुआत है।

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