Loading...

बद्दी के उद्योगों पर संकट, हजारों युवाओं के रोजगार पर खतरा: राजेंद्र राणा

Shailesh Saini • 1 Hour Ago • 1 Min Read

बोले- मुख्यमंत्री ने चार साल में उद्योगपतियों के साथ एक बैठक तक नहीं की, जर्जर सड़कें, बिजली कटौती और एनओसी की दिक्कतों से निवेशक परेशान

हिमाचल नाऊ न्यूज़ सोलन

हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने सिरमौर ,बद्दी-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की उदासीनता के चलते प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगपति परेशान हैं और नए निवेश को लेकर भी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि बद्दी में पैदा हुए हालात से हजारों युवाओं के रोजगार पर संकट खड़ा हो सकता है।

राजेंद्र राणा ने कहा कि सिरमौर और बद्दी केवल एक औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश के हजारों परिवारों की आजीविका का प्रमुख केंद्र है। यहां फार्मा सहित सैकड़ों उद्योग संचालित हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की बदहाली और सरकार के कथित नकारात्मक रवैये से उद्योगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि बद्दी में सड़कों की हालत खराब होने के कारण लोगों और उद्योगों को घंटों जाम की समस्या झेलनी पड़ रही है। वहीं, दिन के समय भी लंबे बिजली कट लग रहे हैं और सप्ताह में एक दिन पूर्ण शटडाउन किए जाने से औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने फायर एनओसी जैसी प्रक्रियाओं में भी उद्योगपतियों को परेशानी होने का आरोप लगाया।

अपनी बिजली होने के बावजूद उद्योगों को नहीं मिल रही पर्याप्त आपूर्ति

भाजपा नेता ने बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उद्योगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही, जबकि प्रदेश से बाहर बिजली बेचे जाने की बात सामने आती है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की अनियमित आपूर्ति से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में सरकार को उद्योगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए।

चार साल में उद्योगपतियों से बैठक नहीं करने पर उठाए सवाल

राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे पहले भाजपा और कांग्रेस, दोनों दलों की सरकारों के मुख्यमंत्री साल में एक-दो बार बद्दी-नालागढ़ की औद्योगिक एसोसिएशनों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनते थे। उनके अनुसार, मौजूदा मुख्यमंत्री को चार साल हो गए हैं, लेकिन उन्होंने उद्योगपतियों के साथ एक बैठक तक करना उचित नहीं समझा।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं को समझने और निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए सरकार तथा उद्योग जगत के बीच नियमित संवाद जरूरी है। राणा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के पास नए निवेश को आकर्षित करने के लिए स्पष्ट विजन नहीं है, जबकि पड़ोसी राज्य उद्योगों को आकर्षित करने के लिए नई नीतियां ला रहे हैं।

मुख्यमंत्री की कार्यशैली और कर्ज को लेकर भी साधा निशाना

भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री की राजनीतिक कार्यशैली पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने में जिन विधायकों ने नेतृत्व और समर्थन दिया, उन्हीं विधायकों को लेकर पार्टी छोड़ने जैसी टिप्पणियां करना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी कार्यशैली से प्रदेश की जनता और राजनीतिक सहयोगियों का भरोसा कैसे कायम रहेगा।

राणा ने प्रदेश पर बढ़ते कर्ज और औद्योगिक क्षेत्र में कथित तौर पर चहेतों को लाभ पहुंचाने की नीति को लेकर भी कांग्रेस सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि उद्योगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं, सरल प्रक्रियाएं और अनुकूल निवेश माहौल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि पंचायत चुनावों में जनता ने सरकार के प्रति अपना रुख स्पष्ट करने के संकेत दिए हैं और आगामी विधानसभा चुनावों में भी जनता अपना फैसला सुनाएगी।