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बिना कोचिंग शैलेन्द्र ने प्रथम प्रयास में पास की नेट परीक्षा

Shailesh Saini 6 Feb 2026 Edited 6 Feb 1 min read

पझौता घाटी के युवक की सफलता, संगीत में सहायक प्रोफेसर बनने का सपना

हिमाचल नाऊ न्यूज राजगढ़

राजगढ़ उपमंडल की पझौता घाटी के लिए यह गर्व का क्षण है। क्षेत्र के गांव मानवा निवासी शैलेन्द्र हितैषी ने बिना किसी कोचिंग के प्रथम प्रयास में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) उत्तीर्ण कर समूची घाटी का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है।

शैलेन्द्र हितैषी ने बताया कि उन्होंने नेट परीक्षा की तैयारी पूरी तरह स्वअध्ययन के माध्यम से की। किसी भी कोचिंग संस्थान की सहायता लिए बिना घर पर नियमित अध्ययन और अनुशासन के साथ तैयारी कर यह सफलता हासिल की।

शैलेन्द्र मूल रूप से राजगढ़ उपमंडल की पझौता घाटी के गांव मानवा के निवासी हैं। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा आठवीं तक अपने पैतृक गांव मानवा से प्राप्त की। इसके बाद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला राजगढ़ से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। स्नातक की पढ़ाई उन्होंने राजगढ़ डिग्री कॉलेज से पूरी की।

संगीत के प्रति शैलेन्द्र की रुचि बचपन से रही है। उन्हें संगीत की प्रारंभिक शिक्षा अपनी माता मीरा हितैषी से मिली, जो आकाशवाणी से अनुमोदित पहाड़ी कलाकार रह चुकी हैं। उनके पिता सुखदेव हितैषी पेशे से किसान हैं।

कॉलेज शिक्षा के दौरान भी शैलेन्द्र ने संगीत विषय को अनिवार्य रूप से चुना। स्नातक के बाद वह वर्तमान में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संगीत में एमए कर रहे हैं। नेट परीक्षा में सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता, परिवार के सहयोग के साथ-साथ राजगढ़ कॉलेज की संगीत प्रोफेसर डॉ. सविता सहगल और नीरजा सहगल को दिया है।

शैलेन्द्र ने बताया कि उनका सपना संगीत विषय में सहायक प्रोफेसर बनना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने दिन-रात मेहनत कर नेट परीक्षा उत्तीर्ण की। आगे उनका उद्देश्य संगीत में पीएचडी कर सिरमौर की प्राचीन संस्कृति और पारंपरिक लोकगीतों के संरक्षण के लिए कार्य करना है।