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बिलासपुर में 21 से 23 नवम्बर तक ‘बिलासपुर एक्वा फेस्ट-2025’ का आयोजन

Shailesh Saini 28 Oct 2025 Edited 15 Mar 1 min read

गोविंद सागर झील में एडवेंचर, संस्कृति और स्थानीय आजीविका का संगम

हिमाचल नाऊ न्यूज़ बिलासपुर

नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज बिलासपुर में घोषणा की कि जिला प्रशासन, हिमाचल पर्यटन विभाग और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सहयोग से 21 से 23 नवम्बर तक ‘बिलासपुर एक्वा फेस्ट-2025’ (जल महोत्सव) का आयोजन किया जाएगा।

यह आयोजन गोविंद सागर झील में लुहणू से मंडी भराड़ी तक होगा।मंत्री राजेश धर्माणी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि यह तीन दिवसीय वाटर स्पोर्ट्स कार्निवल रोमांच और मनोरंजन का अनूठा संगम होगा। इसमें कायकिंग एवं कैनोइंग, कंट्री बोटिंग, स्विमिंग, स्टिल वाटर राफ्टिंग और फील-फ्री कायकिंग जैसी कई आकर्षक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी,

जिनमें विभिन्न राज्यों और खेल संघों से लगभग 200 से 250 प्रतिभागियों के भाग लेने की संभावना है।उन्होंने बताया कि इस अवसर पर रेड क्रॉस मेला, स्थानीय आजीविका मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जहाँ स्वयं सहायता समूह और स्थानीय उद्यमी अपने उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री करेंगे।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य गोविंद सागर झील को प्रमुख जल एवं इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करना, वाटर स्पोर्ट्स को प्रोत्साहित करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।

मानसून पर्यटन को बढ़ावा देने पर ज़ोरतकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बताया कि प्रदेश सरकार राज्य में मानसून सीज़न के दौरान पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष योजना तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में मानसून पर्यटन नीति पर मंथन चल रहा है, जिसका उद्देश्य पूरे वर्षभर प्रदेश में पर्यटकों की आवाजाही बनाए रखना है।

उन्होंने कहा कि सरकार मॉनसून सीज़न में भी पर्यटन को आकर्षक बनाने के लिए बिलासपुर, कोल डैम, कांगड़ा, सुंदरनगर और अन्य क्षेत्रों में स्थित जलाशयों और झीलों को मानसून टूरिज्म सर्किट के रूप में विकसित करने की योजना पर विचार कर रही है।

जिन मानव निर्मित झीलों में जलस्तर पूरे वर्ष समान रहता है, वहाँ वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियाँ आयोजित की जा सकती हैं। इससे स्थानीय लोगों की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी और प्रदेश में पर्यटन के नए आयाम स्थापित होंगे।

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