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भारत चुनाव आयोग के 18 नवाचारों पर शुरू हुआ अमल, हिमाचल में चुनाव प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी और प्रभावशाली

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 26 May 2025 • 1 Min Read

शिमला

मतदाता सुविधा, कार्मिक प्रशिक्षण और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोर, 1200 मतदाताओं की सीमा के साथ नए मतदान केंद्र स्थापित होंगे

चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की पहल
भारत निर्वाचन आयोग ने देशभर में चुनाव प्रणाली को अधिक पारदर्शी, समावेशी और प्रभावशाली बनाने के लिए 18 नवाचारों पर काम शुरू कर दिया है। हिमाचल प्रदेश में भी इन पहलों को लागू किया जा रहा है, जिससे आगामी चुनावों में प्रक्रिया और अधिक सुलभ और सटीक हो सकेगी।

छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता के अनुसार, इन नवाचारों में छह प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं – मतदाता सेवा, राजनीतिक दलों की भागीदारी, प्रक्रियागत सुधार, कानूनी संशोधन, चुनाव कार्मिक प्रबंधन और आयोग का प्रशासनिक ढांचा। इन सभी क्षेत्रों में क्रमिक सुधार के लिए दिशा-निर्देश और योजनाएं लागू की जा रही हैं।

मतदाता सूची और केंद्रों में बदलाव
हिमाचल प्रदेश में एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय की गई है। बहुमंजिला इमारतों और घनी बस्तियों में अतिरिक्त मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। मृत व्यक्तियों के नाम हटाने के लिए ‘रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया’ के डेटाबेस का इस्तेमाल कर मतदाता सूची को अपडेट किया जाएगा।

डिजिटल डैशबोर्ड और प्रशिक्षण सामग्री
चुनाव से जुड़ी सभी सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए एक नया डिजिटल डैशबोर्ड विकसित किया जा रहा है। साथ ही 28 प्रमुख हितधारकों के लिए लोक प्रतिनिधित्व कानून और निर्देशों से जुड़ी प्रशिक्षण सामग्री तैयार की जा रही है।

प्रशिक्षण और ई-ऑफिस प्रणाली को बढ़ावा
26–27 मई को हिमाचल से 3 जिला निर्वाचन अधिकारी, 12 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, 68 बीएलओ और यूथ पर्यवेक्षकों को दिल्ली में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं शिमला में मीडिया नोडल अधिकारियों के लिए उन्मुखीकरण सत्र भी आयोजित किया गया। चुनाव प्रक्रिया को कागजरहित (ई-ऑफिस) बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मतदाता पर्चियों को बनाया जाएगा स्पष्ट
मतदाता सूचना पर्चियों में मतदाता संख्या और मांग संख्या को अब अधिक स्पष्ट रूप से अंकित किया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया और सुगम हो सके।