भारी बारिश के कारण सिरमौर में जीवन अस्त व्यस्त , नाहन में पेयजल संकट गहराया
सिरमौर जिले में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कें बंद, परिवहन बाधित और हजारों बीघा फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। इस बीच नाहन शहर में पेयजल संकट गहराना चिंताजनक स्थिति बन गई है।
नाहन
भारी बारिश से सिरमौर में तबाही
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि सिरमौर जिला की करीब 70 प्रतिशत सड़कें बंद पड़ी हैं और बसों सहित अन्य गाड़ियों का आवागमन ठप हो चुका है। उन्होंने बताया कि जिले में 250 से अधिक मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, जबकि इतने ही मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। हजारों बीघा जमीन दलदल में तब्दील हो चुकी है और सैंकड़ों पशुशालाएं ध्वस्त हो गई हैं। कई लोगों की जान भी चली गई है।
राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग
डॉ. बिंदल ने सरकार से राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मदद दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचनी चाहिए ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
नाहन में पेयजल संकट गहराया
डॉ. बिंदल ने कहा कि नाहन शहर दशकों से पेयजल संकट से जूझता रहा है। खैरी ऊठाऊ पेयजल योजना और नहर स्वार योजना के संवर्धन पर लगभग 13 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि गिरी पेयजल योजना ने जल संकट का स्थायी समाधान किया था। लेकिन विगत 7 दिनों से लगातार बारिश के बावजूद नाहन शहर में पीने का पानी नहीं मिल रहा है, जो सरकार की लापरवाही दर्शाता है।
खैरी योजना उपेक्षा की भेंट चढ़ी
उन्होंने बताया कि गिरी पेयजल योजना के पंप हाउस नदी में अधिक पानी आने से बंद पड़े हैं, जबकि खैरी ऊठाऊ पेयजल परियोजना पिछले डेढ़ साल से जंग खा रही है। यदि इसे कार्यशील रखा जाता तो आज आपात स्थिति में नाहन शहर की प्यास बुझाने का एक अतिरिक्त साधन साबित हो सकती थी।
सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल
डॉ. बिंदल ने कहा कि सरकार ने न तो नई पेयजल योजना बनाई और न ही पुरानी योजनाओं को ठीक रखा। उन्होंने मांग की कि खैरी ऊठाऊ पेयजल परियोजना को तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके।