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भीगे हुए बादाम का पेस्ट ब्रेन के न्यूरोट्रांसमीटर के लिए वरदान

Ankita • 18 Mar 2023 • 1 Min Read

पैनिक अटैक में ग्रीन टी देती है तनावग्रस्त मस्तिष्क को राहत

HNN/ नाहन

तनाव भरी जिंदगी हो या नशे से राहत पाने वाले मरीजों को पैनिक अटैक इन सब में घरेलू उपचारों में बादाम रामबाण साबित होता है।

क्या है पैनिक अटैक
पैनिक अटैक एसएनएस यानी तंत्रिका तंत्र की एक प्रतिक्रिया है। जिसमें सांस लेने में कठिनाई, कंपन, दिल का बड़ी तेजी से धड़कना, सीने में जकड़न, पसीना, सर चकराना, जी का मचलना, सांस में रुकावट या दम घुटने की आशंका आदि लक्षण होते हैं। पैनिक अटैक में शरीर ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन और जल्दी से जल्दी सांस लेने की कोशिश करता है। जब किसी मरीज को इस प्रकार का पैनिक अटैक आता है तो वह अपने शरीर पर से नियंत्रण खोने लगा पड़ता है।

मगर इन सब पर एलोपैथिक दवाओं की जगह घरेलू नुस्खे ज्यादा असरदार साबित हुए हैं। हेल्थ एक्सपर्ट और वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रमोद पारीक का कहना है कि ऐसी स्थिति में बादाम बड़ा कारगर सिद्ध हुआ है। उन्होंने बताया कि बादाम में मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटेशियम जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं। यही नहीं यह शरीर में मिनरल्स की मात्रा को भी बैलेंस करता है। उन्होंने बताया कि इसके लिए कुछ बादाम लेकर उन्हें सामान्य नल के पानी में भिगोकर रख दें। एक या 2 दिन के बाद उसका पानी निकालकर अलग कर दें।

बादाम को छीलने में परेशानी ना हो इसके लिए तेज गर्म पानी ऊपर से डालकर 1 मिनट छोड़ दें। डॉक्टर का कहना है कि इससे एक तो छिलका बड़ी सरलता से उतर जाएगा दूसरा बादाम का सिलबट्टा अथवा मिक्सी में पेस्ट बना लें। बने हुए बेस्ट को गुनगुने दूध में घोलकर उसका सेवन किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इसके अलावा गर्मियों में ब्रह्मी और प्लाश तथा अर्जुन रिस्ट का इस्तेमाल भी करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि यह आयुर्वेदिक औषधियां मस्तिक तंत्र को मजबूत करती है तथा हृदय को कई तरह से प्रोटेक्ट भी करती हैं। इसके अलावा मस्तिष्क को राहत देने के लिए एंटी ऑक्सीडेंट और पालीफेनाल का इस्तेमाल करना चाहिए यह हमें ग्रीन टी अथवा बढ़िया चाय से मिलता है। यहां उन्होंने यह भी बताया कि यह चाय बगैर दूध के होनी चाहिए।

वहीं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. द्विवेदी का कहना है कि किन्नौर का गुलबंदी बादाम चिलगोजा भी बड़ा फायदेमंद साबित होता है। इसके अलावा नियमित रूप से सप्ताह में एक बार सिर के कपाल पर घर में तैयार किया हुआ शुद्ध मक्खन रखना चाहिए। सप्ताह में दो या तीन बार किन्नौर में पाए जाने वाली चुल्लू के तेल से मालिश करना मस्तिष्क को नई ऊर्जा और शक्ति देता है।