भूकंप / नेपाल में 7.1 तीव्रता का जोरदार भूकंप, दिल्ली-NCR, यूपी और बिहार तक भूकंप के झटके। लोग घरों के बाहर निकले
भूकंप के झटके: दिल्ली-NCR, यूपी और बिहार में धरती कांपी
आज सुबह दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न इलाकों में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। इन झटकों से खासकर पटना में लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। यह घटना सुबह 6:38 बजे हुई और इसकी गूंज सहरसा, सीतामढ़ी, मधुबनी और आरा जैसे कई अन्य स्थानों पर भी सुनाई दी। भूकंप के झटके इतने तीव्र थे कि लोग अपने घरों से बाहर निकलने पर मजबूर हो गए।

भूकंप का केंद्र: नेपाल में था, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 7.1
भूकंप का केंद्र नेपाल में था, और यह धरती के 10 किलोमीटर अंदर हुआ था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.1 मापी गई, जो एक शक्तिशाली भूकंप की श्रेणी में आता है। इस प्रकार के भूकंप से इमारतों का बेस दरक सकता है और इमारतें गिरने का खतरा रहता है। हालांकि, इस समय तक किसी प्रकार के बड़े नुकसानों की खबर नहीं आई है, लेकिन भूकंप की तीव्रता ने लोगों में खौफ पैदा कर दिया है।
भूकंप क्यों आते हैं?
हाल के वर्षों में भूकंपों की घटनाएं दुनियाभर में बढ़ी हैं, और भारत भी इससे अछूता नहीं है। दरअसल, पृथ्वी की सतह पर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं, जो लगातार गति में रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या घर्षण पैदा करती हैं, तब भूकंप जैसे प्राकृतिक घटनाएं होती हैं। यही कारण है कि कुछ क्षेत्रों में भूकंप की घटनाएं अधिक होती हैं।
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता का निर्धारण
भूकंप की तीव्रता का अनुमान रिक्टर स्केल से लगाया जाता है, जो भूकंप की शक्ति को मापता है। यहां हम जानते हैं कि रिक्टर स्केल पर किस प्रकार की तीव्रता किस प्रकार के प्रभाव उत्पन्न करती है:
- 0 से 1.9 – सीज्मोग्राफ से जानकारी मिलती है।
- 2 से 2.9 – बहुत कम कंपन, सामान्यतः महसूस नहीं होता।
- 3 से 3.9 – ऐसा लगेगा जैसे भारी वाहन पास से गुजर रहा हो।
- 4 से 4.9 – घर में रखा सामान अपनी जगह से गिर सकता है।
- 5 से 5.9 – भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकते हैं।
- 6 से 6.9 – इमारत का बेस दरक सकता है।
- 7 से 7.9 – इमारतें गिर सकती हैं।
- 8 से 8.9 – सुनामी का खतरा, व्यापक तबाही।
- 9 या उससे अधिक – सबसे भीषण तबाही, धरती का कंपन स्पष्ट रूप से महसूस होता है।
इस प्रकार, भूकंप की तीव्रता और उससे उत्पन्न होने वाले प्रभावों का अनुमान इस स्केल से लगाया जाता है, जो भूकंप की शक्तियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।