मुख्यमंत्री ने कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए मांगी विशेष केंद्रीय सहायता
शिमला-धर्मशाला हवाई सेवा पुनः शुरू करने की मांग, शिमला एयरपोर्ट समयवृद्धि और हैलीपोर्ट संचालन की अनुमति का आग्रह
शिमला
हवाई सेवा विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री का बड़ा कदम
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू को पत्र लिखकर हिमाचल प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार से जुड़े कई अहम विषयों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया है। नई दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने इन मुद्दों पर केंद्रीय मंत्री से विस्तार से चर्चा भी की थी।
कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू
मुख्यमंत्री ने पत्र में बताया कि राज्य सरकार कांगड़ा हवाई अड्डे के प्रस्तावित विस्तार के लिए लगभग 150 हैक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करेगी। इस परियोजना पर 1900 करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रस्तावित है, जिसमें से 410 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि इस योजना को विशेष आर्थिक सहायता हेतु वित्त मंत्रालय व प्रधानमंत्री कार्यालय को अनुशंसा की जाए।
तकनीकी रिपोर्ट की समीक्षा और वीएफआर नियमों में संशोधन की मांग
मुख्यमंत्री ने मैसर्ज वैपकोर्स लिमिटेड द्वारा तैयार की गई टैक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट की भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा समीक्षा की आवश्यकता बताई, क्योंकि इसमें लागत का आकलन अधिक किया गया है। साथ ही कांगड़ा एयरपोर्ट संचालन में न्यूनतम दृश्यता मानक को 5 किलोमीटर से घटाकर 2.5 किलोमीटर करने के लिए विशेष वीएफआर प्रावधान की मांग की।
नाइट लैंडिंग और पुलिस तैनाती की मांग
मुख्यमंत्री ने कांगड़ा एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग की सुविधा और कुल्लू व शिमला एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ की जगह हिमाचल पुलिस की तैनाती का प्रस्ताव भी रखा।
शिमला एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन समय बढ़ाने का आग्रह
मुख्यमंत्री ने शिमला एयरपोर्ट पर उड़ानों के संचालन का समय दोपहर 1 बजे से बढ़ाकर शाम 4 बजे तक करने की मांग की है, जिससे अधिक उड़ानों का संचालन संभव हो सकेगा। साथ ही उन्होंने दूसरा एप्रेन बनाने की मांग की, ताकि ATR 42/600 विमानों का संचालन भी संभव हो सके।
धर्मशाला-शिमला फ्लाइट और हैलीपोर्ट संचालन की योजना
मुख्यमंत्री ने शिमला-धर्मशाला-शिमला मार्ग पर एलायंस एयर की दैनिक उड़ानें फिर से आरंभ करने की अपील की है। इसके अलावा संजौली, रामपुर, बद्दी और कंगनीधार हैलीपोर्ट को अक्तूबर 2025 तक संचालन की अनुमति प्रदान करने की भी मांग की है।
नए हैलीपोर्ट को स्वीकृति और निजी ऑपरेटरों को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि आरसीएस-उड़ान योजना के चरण-2 के तहत जसकोट (हमीरपुर), देहरा (कांगड़ा), ऊना और बिलासपुर जिलों में चार नए हैलीपोर्ट स्वीकृत किए जाएंगे। इसके साथ ही हैरिटेज एविएशन, ग्लोबल वेक्टरा और पवन हंस जैसे निजी ऑपरेटरों को राज्य में हवाई सेवा शुरू करने हेतु निर्देश देने का आग्रह किया गया है।