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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बजट से कांग्रेस की गारंटियां गायब- रावत

By Ankita Published: 19 Feb 2024, 12:26 PM | Updated: 19 Feb 2024, 12:33 PM 1 min read

HNN/ नाहन

सिरमौर भाजपा के जिला सह मीडिया प्रभारी प्रताप सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपना दूसरा बजट प्रस्तुत किया लेकिन बजट से कांग्रेस पार्टी की गारंटीया गायब हो गई है, जिससे प्रदेश की जनता को निराशा हाथ लगी है।

रावत ने बताया कि प्रदेश में सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी है और बेरोजगारी को दूर करने के लिए कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने चुनावी घोषणा पत्र में कहा था कि यदि प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनती है तो हम प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को हर वर्ष एक लाख सरकारी नौकरियां देंगे।

लेकिन सरकार को बनते हुए एक वर्ष से अधिक समय हो गया है, अभी तक प्रदेश के किसी भी बेरोजगार को सरकारी नौकरी नहीं मिली है जिससे प्रदेश के युवा अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

रावत ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिड डे मील वर्कर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, सिलाई अध्यापिका, मल्टी टास्क वर्कर के अतिरिक्त सभी मझौले कर्मचारियों को इस बजट में अपने वेतन बढ़ोतरी की बहुत ज्यादा उम्मीदें थी लेकिन इन सभी मझौले कर्मचारियों को बजट से निराशा हाथ लगी है।

रावत ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान अपने बजट में मजदूरों की दिहाड़ी 50 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से बढ़ाई थी। इसी प्रकार मिड डे मील वर्कर के 9 सौ रुपए, आशा वर्कर 9 सौ रुपए, सिलाई अध्यापिका 9 सौ रुपए जबकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने इस बजट में मझौले कर्मचारियों के वेतन में केवल मात्र 5 सौ रुपए की बढ़ोतरी की है जो ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर है।

रावत ने बताया कि महंगाई को ध्यान में रखते हुए मझौले कर्मचारियों के वेतन में भारी बढ़ोतरी होनी चाहिए थी क्योंकि 5 हजार रुपए में परिवार का पालन पोषण नहीं किया जाता। उन्होंने बताया कि एसएमसी अध्यापकों का वेतन भी बहुत कम है जबकि यह बहुत लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और बहुत अच्छा काम कर रहे हैं उनके वेतन में भी भारी बढ़ोतरी होनी चाहिए थी।