मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत ऊना में 294 बच्चों को 3.11 करोड़ रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत ऊना जिले में 294 बच्चों को सामाजिक सुरक्षा और स्वावलंबन से जुड़ी योजनाओं में 3.11 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई। इस योजना का उद्देश्य अनाथ और जरूरतमंद बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना है।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
294 बच्चों को सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए मिली बड़ी सहायता
जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि 31 मार्च 2025 तक 1.30 करोड़ रुपये सामाजिक सुरक्षा मद में वितरित किए गए हैं। साथ ही 31 मई तक शिक्षा, कौशल विकास और स्वरोजगार के 78 मामलों में 1.80 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
स्पॉंसर और आफ्टर केयर योजना में भी दी गई सहायता
वित्त वर्ष 2024-25 में मिशन वात्सल्य के तहत स्पॉंसर स्कीम और आफ्टर केयर योजना में कुल 173 बच्चों को 40.80 लाख रुपये की सहायता दी गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को विशेष गृहों में बच्चों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
सिर पर हाथ बनी सरकार, योजना का हुआ विस्तार
उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना अब 27 वर्ष तक के अनाथ, परित्यक्त, सरेंडर बच्चे और एकल नारियों को कवर करती है। पात्रता की शर्तों में यह तय है कि पारिवारिक वार्षिक आय 5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए और कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।
हेल्पलाइन पर आए बाल संरक्षण से जुड़े 44 मामले
जनवरी से अप्रैल 2025 के बीच चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और 112 पर कुल 44 शिकायतें आईं, जिनमें बाल शोषण के 8, पारिवारिक उत्पीड़न के 12, बाल भिक्षावृत्ति के 4 और अन्य श्रेणियों में 10 शिकायतें शामिल रहीं। सभी मामलों में तत्काल कार्रवाई की गई।