मोदी सरकार में राज्य वित्त मंत्री रहे शिव प्रताप शुक्ला हिमाचल के गवर्नर
विश्वनाथ आर्लेकर अब बिहार के होंगे गवर्नर
HNN News नई दिल्ली
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को 13 राज्यों के गवर्नर और एलजी बदल दिए हैं। जिसमें हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को बिहार जबकि मोदी सरकार में राज्य वित्त मंत्री रहे शिव प्रताप शुक्ला को हिमाचल प्रदेश का गवर्नर नियुक्त किया गया है।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश के नए गवर्नर गोरखपुर जिला के मूल निवासी हैं यही नहीं पूर्वांचल के कद्दावर भाजपा नेता माने जाते हैं। शुक्ला का जन्म 1 अप्रैल 1952 के गोरखपुर जिला से गरीब 25 किलोमीटर दूर रुद्रपुर जिसे खजनी के रूप में जाना जाता है वहां हुआ था।
शुक्ला के गवर्नर बनने पर गोरखपुर शहीद देवरिया कुशीनगर में खुशी का माहौल है। बता दें कि शिव प्रताप शुक्ला 2014 से 2019 तक मोदी सरकार में राज्य मंत्री रहे हैं। शिव प्रताप शुक्ला के पिता का नाम स्वर्गीय रमाकांत शुक्ला तथा माता का नाम स्वर्गीय पार्वती देवी है।
गवर्नर शुक्ला ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन तथा विधि स्नातक की शिक्षा ली है। कॉलेज में शिक्षा के दौरान वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से भी जुड़े रहे यही सही उनका राजनीतिक कैरियर शुरू हुआ था।
वर्ष 1989 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ा। वर्ष 1989 से 1991 1993 1996 मैं विधानसभा सदस्य चुने गए। चार दशक से राजनीति में सक्रिय रहे शुक्ला यूपी के एक बड़े ब्राह्मण फेस हैं। माना जाता है गोरखपुर जोकि नेपाल के साथ लगता है तो वहां के अंचल क्षेत्र में क्षत्रिय बनाम ब्राह्मण के बीच वर्चस्व की जंग में शुक्ला का नाम काफी दमदार रहा है।
वर्ष 1998 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब गोरखपुर से सांसद थे तो कुछ दौरान शिव प्रताप शुक्ला वहां के विधायक थे। यहां यह भी बता दें कि वर्ष 2002 के चुनाव में योगी आदित्यनाथ ने शिवप्रताप के खिलाफ हिंदू महासभा के डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल को मैदान में उतारा था। हालांकि इस चुनाव में अग्रवाल जीत गए थे मगर इसके बाद शिव प्रताप शुक्ला और योगी आदित्यनाथ के बीच मतभेद भी खुलकर सामने आए थे।
बरहाल हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और वही उत्तर प्रदेश के गोरखपुर क्षेत्र के एक बड़े कूटनीतिज्ञ माने जाने वाले राजनीतिज्ञ को हिमाचल प्रदेश के गवर्नर की जिम्मेवारी मिली है। हालांकि कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे मिशन लोटस का एक हिस्सा मान रहे हैं। मगर संवैधानिक तौर पर यह पद राष्ट्रपति के द्वारा नियुक्त किया जाता है।
वही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 13 राज्य के गवर्नर और एलजी बदले हैं। जिनमें महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का इस्तीफा मंजूर करते हुए रमेश बैंस को नया गवर्नर बनाया गया है।
लद्दाख के एलजी राधा कृष्ण माथुर की जगह अरुणाचल के ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा को गवर्नर नियुक्त किया गया है।
लेफ्टिनेंट जनरल वैकल्य त्रिविक्रम परनाईक को अरुणाचल प्रदेश का गवर्नर बनाया गया है। लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को सिक्किम सीपी राधाकृष्णन को झारखंड गुलाबचंद कटारिया को असम, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर को आंध्र प्रदेश, विश्वा भूषण हरी चंदन को छत्तीसगढ़ का गवर्नर नियुक्त किया गया है।
जबकि छत्तीसगढ़ के गवर्नर अनुसुइया ऊईके को मणिपुर तथा गणेशन को नागालैंड का गवर्नर बनाया गया है। फागू चौहान को मेघालय का गवर्नर बनाया गया है। रमेश बैंस को महाराष्ट्र का जिम्मा सौंपा गया है।