मोबाइल चोरी मामले का पर्दाफाश, नेपाली मूल के चार शातिर गिरफ्तार
चंद घंटों के भीतर नेपाल बॉर्डर से शातिरों को दबोच लाई सिरमौर पुलिस
HNN/ राजगढ़
स्थानीय बाजार में लाखों के मोबाइल चोरी मामले में पुलिस ने चंद घंटों के भीतर शातिरों को दबोचने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में नेपाली मूल के चार लोगों को नेपाल के बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। ये शातिर नेपाल भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें रूपेड़िया, बहराइच (उत्तरप्रदेश) से गिरफ्तार कर लिया।
इनकी पहचान जनक शाही पुत्र वीर बहादुर, नवीन खारका पुत्र चक्र बहादुर, लोकेंद्र शाही पुत्र अनुरुप शाही और जनक शाही पुत्र भीम बहादुर के तौर पर हुई है। ये सभी जाजर कोट, कोड़तांग (नेपाल) के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 39 मोबाइल, एक टैब और एक समार्ट वॉच भी बरामद की है।
बता दें कि इन सभी आरोपियों ने राजगढ़ बाजार में अरविंद इलेक्ट्रानिक्स की दुकान से 6 लाख रुपये की कीमत के 48 मोबाइल, एक टैब और एक समार्ट वॉच पर हाथ साफ किया था। 25 मार्च को पुलिस ने राजगढ़ पुलिस थाना में मामला दर्ज किया। इसके तुरंत बाद ही एसपी सिरमौर ने आरोपियों को दबोचने के लिए संयुक्त एसआईटी का गठन किया।
इस टीम में एएसआई हेमराज, मुख्य आरक्षी सुनील कुमार, मुख्य आरक्षी जसबीर, मुख्य आरक्षी रोहित कुमार, मानक मुख्य आरक्षी सोमिंदर सिंह, आरक्षी अमरेंद्र सिंह, आरक्षी जय प्रकाश और आरक्षी अमित कुमार शामिल थे। एसपी सिरमौर रमन कुमार मीणा ने बताया कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चारों शातिर नेपाली मूल के हैं और एक ही गांव के रहने वाले हैं।
ये सभी आरोपी 10-15 दिन पहले ही राजगढ़ आए थे, जो राजगढ़ में ही दिहाड़ी मजदूरी का काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक संयुक्त टीम ( एसआईटी) का गठन किया गया। साथ ही एसआईटी को इन शातिरों की गिरफ्तारी के लिए निर्देशित किया।
इन आरोपियों को पुलिस ने चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद ये आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे। इस बीच पुलिस ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस सभी को गिरफ्तार कर सिरमौर ले आई है। मामले में पुलिस आगामी कार्रवाई में जुट गई है।