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युवा व्यवसायी बिट्टू भाई बने जीव प्रेम की अनूठी मिसाल, जंगली मुर्गों के लिए बनाया सुरक्षित ठिकाना

Shailesh Saini 5 Apr 2025 Edited 5 Apr 1 min read

धर्म का तभी सच्चा लाभ है जब हमारे कर्म अच्छे हों – रमेश

हिमाचल नाऊ न्यूज़ काला अंब/यमुनानगर (झंडा गांव)

हरियाणा के यमुनानगर जिले के झंडा गांव के रहने वाले रमेश कुमार जो क्षेत्र में बिट्टू भाई के नाम से लोकप्रिय हैं, एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के प्रतीक हैं। सफल व्यवसायी और समर्पित समाज सेवक के रूप में अपनी पहचान बनाने के बाद अब वे बेजुबान जंगली जीवों के लिए एक मसीहा बनकर उभरे हैं।

जंगली मुर्गों के घटते संरक्षण को लेकर चिंतित बिट्टू भाई ने अनूठी पहल करते हुए न केवल उनके जंगली मुर्गियों के अंडों को सहेजकर चूजे निकलवाए, बल्कि उनके सुरक्षित पालन-पोषण के लिए लाखों रुपये खर्च कर बाड़ा भी बनवाया।

जंगली मुर्गों के संरक्षण को समर्पित, लाखों खर्च कर बनाया सुरक्षित ठिकाना जंगली मुर्गों के शिकार और उनकी कम होती संख्या से व्यथित बिट्टू भाई ने घने जंगलों से बड़ी मेहनत से अंडे एकत्र किए।

इन अंडों को सुरक्षित रूप से सेने और चूजों की देखभाल के लिए उन्होंने एक विशेष बाड़ा बनवाया, जिस पर लाखों रुपये का खर्च आया है। शाकाहारी होने के बावजूद जीवों के प्रति उनकी यह करुणा और समर्पण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

मंदिरों के जीर्णोंद्धार से लेकर मेलों के आयोजन तक, विकास कार्यों में अग्रणीबिट्टू भाई न केवल जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील हैं, बल्कि उन्होंने अपने क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

झंडा गांव की शिवालिक पहाड़ी पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर और प्रसिद्ध सतकुंभी मंदिर के जीर्णोंद्धार में उनका विशेष योगदान रहा है। उनके प्रयासों से इन धार्मिक स्थलों का नवीनीकरण हुआ है और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं।

इसके अतिरिक्त शिवरात्रि के अवसर पर झंडा मेला प्रबंधन समिति बिट्टू भाई के सक्रिय सहयोग से भव्य मेले का आयोजन करती है, जिसमें दूर-दूर से आए भक्तों को हर संभव सुविधा प्रदान की जाती है।

“धर्म का तभी सच्चा लाभ है जब हमारे कर्म अच्छे हों”- बिट्टू भाईधर्म के प्रति गहरी आस्था रखने वाले बिट्टू भाई का मानना है कि सच्चे धर्म का सार अच्छे कर्मों में निहित है। वे न केवल धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों की सहायता के लिए भी हमेशा तत्पर रहते हैं।

उन्होंने आम लोगों से बेजुबान पशु-पक्षियों और जानवरों के संरक्षण की अपील करते हुए कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए हर जीव का महत्व है और हमें उनके प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।

रमेश कुमार उर्फ बिट्टू भाई की जीवन गाथा कर्म और धर्म के अद्भुत समन्वय का उदाहरण है। उनका जीव प्रेम, निस्वार्थ समाज सेवा और धार्मिक कार्यों में सक्रिय योगदान उन्हें एक आदर्श नागरिक के रूप में स्थापित करता है, जो निश्चित रूप से दूसरों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।