HNN / शिमला
राजस्व प्रबंधन प्रणाली (आरएमएस) लागू होने से राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी। यह बात मण्डलायुक्त शिमला प्रियतु मण्डल ने आज बचत भवन में राजस्व प्रबंधन प्रणाली पर आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम पूरी तरह से ऑनलाइन है, जिससे लोगों को सहुलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि आरएमएस वेबसाइट पर आम जन सभी राजस्व अदालतों की पूरी सूची देख सकते हैं।
इसके अतिरिक्त राजस्व कोर्ट में लगने वाले मामलों की जानकारी, उस केस से संबंधित जानकारी भी इसी वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। साथ ही राजस्व अदालतों द्वारा दिए जाने वाले आदेशों की कॉपी भी वेबसाइट से डाउनलोड की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आम लोग राजस्व विभाग से राहत राशि प्राप्त करने के लिए आवेदन भी इसी वेबसाइट के माध्यम से कर सकते हैं।
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प्रियतु मण्डल ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी आरएमएस वेबसाइट पर नवम्बर, 2017 से लेकर 2022 तक जारी किए गए आदेशों को अपलोड करें ताकि आने वाले समय में यह वेबसाइट राजस्व विभाग की एक समग्र वेबसाइट बन सके तथा राजस्व मामलों से जुड़ी सभी जानकारियां आम लोगों को इसी वेबसाइट के माध्यम से मिल सके। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रबंधन प्रणाली से राजस्व विभाग के कामकाज में तेजी आएगी।
उन्होंने कहा कि पटवारी के पास जमा होने वाली फीस भी इसी वेबसाइट पर जनरेट होगी, जिसकी सूचना एसएमएस के माध्यम से संबंधित व्यक्ति तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि 12 दिसम्बर, 2022 से इसे शिमला शहरी और शिमला ग्रामीण तहसीलों में एक प्रयोग के रूप में चलाया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और प्रयास है कि जल्द ही पूरे प्रदेश में इसे एक साथ लागू किया जाए। प्रियतु मण्डल ने कहा कि राजस्व प्रबंधन प्रणाली से राजस्व विभाग का कार्य पेपरलेस होगा और आने वाले समय में अन्य माॅड्यूल भी इस वेबसाइट में जोड़े जाएंगे।
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