HNN / शिमला
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज राष्ट्रीय लेखापरीक्षा तथा लेखा अकादमी चौड़ा मैदान शिमला में भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा सेवा (आई.ए.एंड ए.एस.) के 2022 बैच के शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवसाय को अपनाने से पहले एक अच्छा इंसान बनकर हम समाज, राष्ट्र और विशेष रूप से समाज के सबसे कमजोर वर्ग को अपनी सर्वश्रेष्ठ सेवाएं प्रदान कर सकते हैं।
राज्यपाल ने सामूहिक कार्य भावना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम एक टीम की तरह कार्य करते हुए अपनी भूमिका प्रभावी रूप से निभा सकते हैं। इसलिए हमें ‘मैं’ की भावना को त्याग कर ‘हम’ की भावना से कार्य करने की आवश्यकता है। एक टीम का हिस्सा बन कर बेहतर परिणाम अर्जित किए जा सकते हैं। आई.ए.एंड ए.एस. के प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए राज्यपाल ने उनसे आजीवन सीखने की भावना से काम करने का आह्वान किया।
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उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से उन्हें यह अवसर मिला है और इस जिम्मेदारी को समझते हुए समाज के कमजोर वर्गों के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उन्हें स्वयं को एक अच्छा इंसान बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए क्योंकि एक अच्छा इंसान ही अच्छी सेवाएं प्रदान कर सकता है। आर्लेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री देश की युवा शक्ति को आधार मान कर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि अमृत काल में कुशल युवा पीढ़ी को राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवा के प्रति अपने समर्पण और प्रतिबद्धता के माध्यम से अधिकारियों ने शासन और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया है। लोकतंत्र की एक बहुत ही महत्वपूर्ण संस्था में वरिष्ठ पदों पर आसीन अधिकारी मुख्य रूप से राजस्व बढ़ाने और उन्हें विधायिका द्वारा अनिवार्य रूप से व्यय संबंधी कार्यों पर कड़ी निगरानी रखते हैं। उन्हें हिमाचल प्रदेश की विविधता को अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर राज्यपाल ने अकादमी के डिजिटल पुस्तकालय का भी शुभारंभ किया।
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