वन रैंक वन पेंशन की विसंगतियों पर सिरमौर की सड़कों पर उतरे पूर्व सैनिक
राष्ट्रपति, पीएम तथा डिफेंस मिनिस्टर को भेजा डीसी की मार्फत ज्ञापन
HNN/ नाहन
दुश्मन के आगे अपना सीना तान देश और देश के नागरिकों को सुरक्षा देने वाले पूर्व सैनिक आज मजबूरन सड़कों पर उतर गए है। एक जवान सीने में गोली तो स्वीकार कर सकता है मगर उसके साथ धोखा या अन्याय हो इसे मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता। इस भेदभाव की बड़ी वजह बनी है वन रैंक वन पेंशन।

आज सोमवार को राष्ट्रीय कॉल के तहत यूनाइटेड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विसमैन इंडिया की जिला सिरमौर इकाई के बैनर के तले भारी तादाद में पूर्व सैनिक सड़कों पर उतरे। वन रैंक वन पेंशन-2 की विसंगतियों को लेकर पूर्व सैनिकों ने वाइस चेयरमैन सिरमौर ऑनरेरी कैप्टन जगमोहन सिंह तोमर की अगुवाई में चौगान मैदान से लेकर डीसी कार्यालय तक रोष प्रदर्शन किया।

इस दौरान उनके साथ जिला के पांच खंडों से आए पूर्व सैनिक संगठनों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इकाई के चेयरमैन कैप्टन जगमोहन ने बताया कि वन रैंक वन पेंशन भाग 1 में कई विसंगतियां पाई गई थी। बड़ी बात तो यह भी रही कि इन विसंगतियों को दूर करने के लिए एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन भी किया गया था।
मगर वन मैन ज्यूडिशरी कमेटी की सिफारिशों को आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार की नियत को लेकर पूर्व सैनिकों के मन में एक बार फिर से कड़वाहट पैदा हो रही है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा रक्षा मंत्री से मांग करते हुए कहा कि जल्द से जल्द वन रैंक वन पेंशन 2 में जो विसंगतियां हैं उन्हें तुरंत दूर किया जाए।
उन्होंने बताया कि इन विसंगतियों में जो सैनिक प्रीमेच्योर पेंशन आते हैं उनको वन रैंक वन पेंशन दो का लाभ नहीं दिया जा रहा है। यही नहीं जब वन रैंक वन पेंशन को माना गया है तो फिर अधिकारियों को जेसीओ तथा अन्य पूर्व सैनिकों से अधिक पेंशन लाभ क्यों दिया जा रहा है।
पूर्व सैनिक संगठन ने मांग करते हुए कहा कि सैनिकों और अधिकारियों की मिलिट्री सर्विस पे में बहुत सारा वेरिएशन है। पाई गई विसंगतियों के तहत सैनिकों की वीर नारियों और विधवाओं को केवल 30 फ़ीसदी परिवारिक पेंशन दी जाती है। जबकि परिवार की जिम्मेदारियां उनके ऊपर जस की तस बनी रहती हैं।
पूर्व सैनिक संगठनों ने फैमिली पेंशन को 50 फ़ीसदी किए जाने की भी मांग की है। जिला सिरमौर पूर्व सैनिक संगठन ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि केंद्र की सरकार का राष्ट्रीय मीडिया पर भी भारी दबाव है। यही वजह है कि जंतर-मंतर पर बैठे उनके सहयोगी साथियों की आवाज को भी दबाया जाने की कोशिश की जा रही है।
कैप्टन जगमोहन ने कहा कि वन रैंक वन पेंशन की लंबी लड़ाई उन्होंने संयुक्त रूप से लड़ी है। उन्होंने वन रैंक वन पेंशन की बहाली पर मोदी सरकार का आभार भी व्यक्त किया मगर साथ साथ इसमें आई विसंगतियों को भी बगैर किसी भेदभाव के दूर करने की मांग की है। जिला सिरमौर इकाई से जुड़े तमाम पूर्व सैनिक संगठनों ने चेताते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार जल्द विसंगतियों को दूर कर भेदभाव को दूर नहीं करती है तो निश्चित रूप से आंदोलन और ज्यादा तेज किए जाएंगे।
इस दौरान उनके साथ पूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब और शिलाई से नायक हरिंदर सिंह, सूबेदार करनैल सिंह, लांस नायक नरेश कुमार, नायक सूबेदार तरुण, हवलदार श्रवण जीत सिंह, पूर्व सैनिक संगठन घारटी धार से मानद कैप्टन जयपाल सिंह, मानद कैप्टन रमेश चंद, हवलदार नरेंद्र सिंह, हवलदार नायब मानद, नायब सूबेदार चमन लाल तथा कैप्टन धनवीर सिंह मौजूद रहे।
पूर्व सैनिक संगठन नाहन इकाई की ओर से हवलदार अनिल कुमार जोशी, हवलदार अश्विनी कुमार, हवलदार यशवंत सिंह, हवलदार विमल शर्मा, हवलदार प्रवीण कुमार मौजूद रहे। पूर्व सैनिक संगठन संगड़ाह इकाई की ओर से हवलदार रणदीप सिंह, पूर्व सैनिक संगठन पच्छाद की ओर से कैप्टन लालचंद, कैप्टन हितेंद्र सिंह, हवलदार नरेंद्र सिंह, सूबेदार बेलीराम, कैप्टन नरेश दत्त आदि शामिल रहे। पूर्व सैनिक संगठन राजगढ़ की ओर से मानद कैप्टन रमेश, नायक जयपाल मानद, कैप्टन रणेश सहित भारी तादात में पूर्व सैनिक मौजूद रहे।
