वर्कशॉप में खड़ी ‘हिमधारा’ एसी कोच, नाहन डिपो को रोजाना हजारों का नुकसान; प्रबंधन पर उठे सवाल
नाहन डिपो की हिमधारा एसी कोच बस 15–20 दिनों से वर्कशॉप में खड़ी, डिपो को राजस्व नुकसान
नाहन
हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचआरटीसी) के नाहन डिपो की हिमधारा एसी कोच बस पिछले करीब 15–20 दिनों से वर्कशॉप में खड़ी है। बस का एसी सिस्टम खराब होने के कारण इसे ठीक कराने के लिए अंबाला भेजा गया था, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं हो पाई है। इससे नाहन डिपो को प्रतिदिन करीब 10 हजार रुपये के राजस्व का नुकसान होने की बात सामने आ रही है।
जानकारी के अनुसार यह एसी बस रोजाना सुबह 9:45 बजे देहरादून से चंडीगढ़ के लिए रवाना होती है और दोसड़का होते हुए करीब 12:30 बजे आगे बढ़ती है। बस दोपहर करीब 3:30 बजे चंडीगढ़ पहुंचती है, जबकि वापसी में शाम 4:15 बजे चंडीगढ़ से चलकर रात लगभग 10:45 बजे देहरादून पहुंचती है। करीब 400 किलोमीटर के इस रूट पर चलने वाली इस बस की मासिक आय लगभग 30 से 35 हजार रुपये बताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि बस के एसी सिस्टम की मरम्मत पर करीब 30 हजार रुपये का खर्च बताया गया है, लेकिन अब तक इसकी स्वीकृति लंबित है। सूत्रों के अनुसार डिपो स्तर पर जब अधिकारियों से इस बारे में पूछा जाता है तो जवाब मिलता है कि शिमला से मंजूरी मिलने के बाद ही काम करवाया जाएगा।
इस बीच एसी कोच की जगह इस रूट पर सामान्य बस भेजी जा रही है। जबकि यात्रियों को पहले लग्जरी बस सुविधा देने का आश्वासन दिया गया था और यह सुविधा काफी समय से चल भी रही थी। अब बस के वर्कशॉप में खड़े रहने के कारण यात्रियों को मजबूरी में सामान्य बस में सफर करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बस की मरम्मत करवा दी जाती तो न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलती बल्कि निगम को हो रहे आर्थिक नुकसान से भी बचाया जा सकता था। ऐसे में अब यह पूरा मामला एचआरटीसी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
उधर रीजनल मैनेजर रामदयाल का कहना है कि बस के लिए जो सामान आवश्यक था वह उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। उन्होंने बताया कि अब इसके स्पेयर पार्ट की बात हो गई है लिहाजा बस को रविवार को ही चंडीगढ़ रिपेयर के लिए भेजा जाएगा जल्द ही व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।