HNN / शिमला
वाहन दुर्घटना मामले में मृतक के आश्रितों को अदालत ने मुआवजे का हकदार ठहराया है। ऐसे में अदालत ने एचआरटीसी को 40.35 लाख रुपए का मुआवजा देने के आदेश जारी किए हैं। इतना ही नहीं अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि मुआवजे की राशि 2 महीनों के भीतर बस ड्राइवर और निगम दोनों को देनी होगी। दरअसल, मामला 10 जून 2019 का है।
बहादुर सिंह शोघी से शिमला की तरफ अपनी कार से सफर कर रहा था। इस दौरान निगम की बस शिमला की ओर से आ रही थी और गाड़ी से टकरा गई। इस दुर्घटना में चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे छोड़ गया जिसके चलते वह अनाथ हो गए।
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ऐसे में मृतक के आश्रितों ने अदालत में मुआवजे के लिए याचिका दायर करवाई, साथ ही दलील दी गई कि इस दुर्घटना का मुख्य कारण चालक की लापरवाही थी। ऐसे में अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आश्रितों की ओर से मुआवजे के लिए दायर की गई याचिका को स्वीकार किया और हिमाचल पथ परिवहन निगम को 40.35 लाख रुपए का मुआवजा देने के आदेश जारी किए।
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