विधानसभा के शीत सत्र का आज तीसरा दिन, सदन में कर्ज लेने की सीमा…
HNN / धर्मशाला
हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा के शीत सत्र का आज तीसरा दिन है। 11:00 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने व्यवस्थाओं पर प्रश्न उठाते हुए जमकर हंगामा किया। बता दे कि सदन में सुबह मुख्यमंत्री सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर दोनों ही मौजूद नहीं थे।
सीएम के स्थान पर कार्यवाही का संचालन उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया, जबकि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के स्थान पर सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने किया। इसके बाद सत्र में प्रदेश में कर्ज लेने की सीमा बढ़ाने का विधेयक पारित किया गया। शुक्रवार को इस विधेयक को पारित करने का प्रस्ताव सदन में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रखा।
अग्निहोत्री ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में हिमाचल पर करीब 74,622 करोड़ रुपये कर्ज हो जाएगा। भाजपा की पिछली सरकार ने 26,716 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सदन में राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंध (एफआरबीएम) संशोधन विधेयक 2023 को पारित करने का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23 में राज्य के जीडीपी का 6 फीसदी कर्ज लिया जा सकेगा। 2023-24, 2024-25 में यह सीमा 3.5 प्रतिशत होगी। जबकि इसे सामान्य परिस्थिति में केवल जीडीपी का 3 फीसदी तक ही लिया जा सकता है। सदन में जीएसटी रिटर्न के सरलीकरण से जुड़ा एक अध्यादेश और इससे संबंधित विधेयक भी सदन में पारित किया गया।