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वोट चोरी ज्ञानेश कुमार कर रहे, पुतला राहुल गांधी का फूंक रही भाजपा : अजय सोलंकी

Shailesh Saini • 1 Hour Ago • 1 Min Read

बिंदल के मानसिक संतुलन पर भी उठाए सवाल, बोले- मुद्दाविहीन हो गई है भाजपा

हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन|

नाहननाहन में राहुल गांधी का पुतला फूंकने को लेकर कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल पर तीखा हमला बोला है। सोलंकी ने कहा कि वोट चोरी को लेकर सवाल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पूछे जा रहे हैं, लेकिन भाजपा पुतला राहुल गांधी का फूंक रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने के लिए इस तरह की राजनीतिक गतिविधियां कर रही है। बिंदल पर निशाना साधते हुए सोलंकी ने उनके मानसिक संतुलन पर भी सवाल उठाए और कहा कि प्रदेश भाजपा के पास अब सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।

विधायक ने कहा कि डॉ. राजीव बिंदल प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष होने के साथ नाहन विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं। उनसे एक जिम्मेदार राजनीतिक भूमिका की अपेक्षा की जाती है, लेकिन राहुल गांधी का पुतला फूंकने जैसी गतिविधियां यह सवाल खड़ा करती हैं कि भाजपा आखिर किन मुद्दों पर राजनीति कर रही है।

सोलंकी ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और वोट चोरी के आरोपों को लेकर गंभीर बहस चल रही है, जबकि भाजपा इन सवालों का जवाब देने के बजाय विरोध प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जनता का ध्यान भटकाने से वास्तविक सवाल खत्म नहीं हो जाते।सोलंकी ने प्रदेश भाजपा में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के भीतर आपसी खींचतान चल रही है।

उनके अनुसार, भाजपा नेतृत्व अपनी अंदरूनी लड़ाई से जनता का ध्यान हटाने के लिए धरने-प्रदर्शनों और बयानबाजी का सहारा ले रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना है, लेकिन सवाल तथ्यों और जनहित पर आधारित होने चाहिए। केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने के लिए किए जाने वाले प्रदर्शनों से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होता।

प्रदेश की कांग्रेस सरकार का बचाव करते हुए विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में करीब साढ़े तीन साल के कार्यकाल में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।

उन्होंने दावा किया कि राजस्व बढ़ाने और सरकारी खर्च में बचत करने की दिशा में भी सरकार ने उल्लेखनीय काम किया है। सोलंकी के अनुसार, सरकार का लक्ष्य प्रदेश के संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर अर्थव्यवस्था को मजबूती देना और आम जनता के हित में फैसले लेना है।

बिजली परियोजनाओं में हिमाचल के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए सोलंकी ने दावा किया कि किशाऊ बांध से जुड़े मामले में प्रदेश को करीब 1200 करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ होने की बात है, जबकि भाखड़ा नांगल बांध से भी प्रदेश को वित्तीय लाभ मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए जल संसाधन और बिजली परियोजनाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता के महत्वपूर्ण आधार हैं। प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए सरकार केंद्र के समक्ष लगातार अपना पक्ष रख रही है।

सड़कों की बदहाली को लेकर पूछे गए सवाल पर विधायक ने कहा कि हाल ही में भारी बारिश के कारण प्रदेश में कई सड़कें प्रभावित हुई हैं। उन्हें बहाल करने और दुरुस्त करने का काम व्यापक स्तर पर चल रहा है। हालांकि, उन्होंने केंद्र सरकार के अधीन राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति पर भी सवाल उठाए।

विशेष रूप से कालाअंब-पांवटा साहिब मार्ग का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त बजट होने के बावजूद सड़कों की हालत सुधारने के लिए अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़कें प्रदेश के उद्योग, पर्यटन, व्यापार और आम जनता की आवाजाही की जीवनरेखा हैं, इसलिए उनकी बदहाली पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

सोलंकी ने हिमाचल से निर्वाचित भाजपा सांसदों को भी निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि वे प्रदेश के आर्थिक हितों को मजबूत करने और बड़ी विकास योजनाएं लाने में अपेक्षित भूमिका नहीं निभा पाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने अपने प्रतिनिधियों को केंद्र में भेजकर विकास और आर्थिक सहायता की उम्मीद की थी, लेकिन आपदा के दौरान केंद्रीय नेताओं की ओर से की गई घोषणाएं भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाईं।

उनके मुताबिक, आपदा प्रभावित परिवारों को वास्तविक सहायता और पुनर्वास की जरूरत है, केवल घोषणाओं से उनकी समस्याएं दूर नहीं होतीं।विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा के पास कांग्रेस सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए पार्टी लगातार बयानबाजी और विरोध प्रदर्शनों के जरिए जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता विकास, रोजगार, सड़क, आर्थिक मजबूती और आपदा प्रभावितों को राहत जैसे मुद्दों पर जवाब चाहती है। ऐसे में राजनीतिक दलों को पुतला दहन की राजनीति से आगे बढ़कर जनहित के सवालों पर बात करनी चाहिए।