Himachalnow / शिमला
प्रदेश में पहली बार नशा तस्करी के मामले में सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी में शामिल दो पुलिस कर्मियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। इन दोनों कर्मियों, कांस्टेबल संदीप कुमार और जुगल किशोर का नाम शाह गैंग से जुड़ा था, जिनकी तस्करी में संलिप्तता जांच के दौरान सामने आई।
दोनों पुलिस कर्मियों को पहले कैथू पुलिस लाइन में लाइन हाजिर किया गया और बाद में उन्हें नोटिस जारी कर सफाई का मौका दिया गया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने उन्हें बर्खास्त करने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है और कहा है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों में लिप्त सरकारी कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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नशा तस्करी के खिलाफ शिमला पुलिस की बड़ी कार्रवाई
शिमला पुलिस ने नशा तस्करी में संलिप्त 24 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पंजाब पुलिस, वन विभाग, लैब टेक्नीशियन, डॉक्टर और तहसील कल्याण अधिकारी जैसे कर्मचारी शामिल हैं। इस मामले में पुलिस ने कई तस्करी गिरोहों का भंडाफोड़ किया है, जिनमें शाह गैंग, राधे गैंग और रंजन गैंग जैसे बड़े नाम शामिल हैं। एसएसपी शिमला संजीव गांधी ने कहा कि नशे के तस्करों के खिलाफ मिशन क्लीन अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी हालत में तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा।
नशा तस्करी में शामिल कर्मचारियों की सूची
शिमला पुलिस ने नशा तस्करी में संलिप्त कर्मचारियों की सूची तैयार कर सरकार को भेजी है। अब सरकार द्वारा उन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।
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