शिमला / शहर में पाइप्ड प्राकृतिक गैस (PNG) आपूर्ति के विकास को लेकर हुई अहम बैठक, सुरक्षा और प्रदूषण पर रहा फोकस
शिमला शहर में पाइप्ड प्राकृतिक गैस (PNG) आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन और कंपनी अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कंपनी को निर्देश दिए कि एक हफ्ते के भीतर प्रस्तावित योजना की विस्तृत प्रेजेंटेशन तैयार कर प्रस्तुत करें।
शिमला
गैस आपूर्ति नेटवर्क पर गंभीर चर्चा
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि शिमला शहर में गैस वितरण नेटवर्क का विकास शहरी प्रदूषण को कम करने और रसोई गैस सिलेंडरों पर निर्भरता घटाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना लोगों की सुरक्षा से सीधे जुड़ी है, इसलिए सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक है।
भूगोल और सुरक्षा पर चिंता
उपायुक्त ने कहा कि शिमला की भौगोलिक स्थिति अन्य शहरों से अलग है क्योंकि यह पहाड़ी इलाका है। ऐसे में भूस्खलन जैसी प्राकृतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पाइप लाइन को सुरक्षित बनाए रखने के उपाय करने होंगे। उन्होंने कहा कि तकनीकी दृष्टि से कोई भी लापरवाही लोगों की जानमाल के लिए खतरा बन सकती है।
कंपनी का पक्ष
बैठक में मौजूद कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने शिमला और मंडी दोनों शहरों के लिए गैस वितरण नेटवर्क का प्रस्ताव तैयार किया है। अधिकारियों ने कहा कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी गैस वितरण सुरक्षित रूप से संभव है और इसके लिए तकनीकी सुरक्षा मानकों का पूरा पालन किया जाएगा।
प्रेजेंटेशन की तैयारी के निर्देश
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित योजना पर एक हफ्ते के भीतर विस्तृत प्रेजेंटेशन तैयार कर जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करें ताकि इस पर आगे कार्यवाही की जा सके। उन्होंने कहा कि इससे पहले हर तकनीकी और सुरक्षा पहलू पर बारीकी से विचार करना अनिवार्य है।
अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त शिमला अभिषेक सिंघल, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, उपमंडलाधिकारी (शहरी) ओशिन शर्मा, डीएफएससी शिमला नरेंद्र धीमान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने अपने सुझाव दिए और योजना को सफल बनाने के लिए सहयोग देने का आश्वासन दिया।