श्रावण अष्टमी मेले में श्री नयना देवी मंदिर परिसर में लाऊडस्पीकर, ढोल-नगाड़े और बैण्ड-बाजों पर पूरी तरह से रोक
श्रद्धालुओं की भीड़ और शांति व्यवस्था के मद्देनज़र प्रशासन ने सख्त पाबंदियां लगाईं, हलवा-नारियल की टोकरी भी प्रतिबंधित
बिलासपुर
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन का बड़ा कदम
श्रावण अष्टमी मेले के दौरान श्री नयना देवी मंदिर परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला दण्डाधिकारी राहुल कुमार ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों और पारंपरिक बाजों के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 25 जुलाई से 3 अगस्त 2025 तक लागू रहेंगे।
सार्वजनिक संदेश सिर्फ कंट्रोल रूम से प्रसारित होंगे
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी प्रकार की घोषणा आवश्यक हो तो वह केवल कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रसारित की जाएगी। मंदिर परिसर में लाऊडस्पीकर, ढोल-नगाड़े, बैण्ड-बाजे जैसे यंत्रों के प्रयोग पर पूरी तरह से रोक रहेगी ताकि शांतिपूर्ण वातावरण बना रहे।
प्रसाद के लिए बांस की टोकरी, हलवा व नारियल भी प्रतिबंधित
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मंदिर परिसर की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए, बांस की टोकरी में चढ़ावा चढ़ाने, हलवा व नारियल के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है ताकि मेले के दौरान कोई अव्यवस्था न हो।