18 साल तक दी कंपनी को सेवाएं , धक्के देकर निकाला बाहर, लगाए गंभीर आरोप
जंगवीर सिंह पर गंभीर आरोप
अक्सर विवादों में रहने वाले सिंबोसिस फार्मास्यूटिकल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर जंगवीर सिंह का एक और बड़ा कारनामा फार्मा जगत में चर्चा का विषय बन गया है। इस फार्मा कंपनी के 50% के निदेशक विशंभर दयाल गुप्ता को धक्का मुक्की के साथ कंपनी से बाहर करते हुए जान से मारने की धमकी दे डाली है।
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एसपी को दी गई लिखित शिकायत
83 वर्षीय विशंभर दयाल गुप्ता ने उसके साथ हुए धोखे और जान से मारने की धमकी को लेकर एसपी सिरमौर को लिखित शिकायत दी है।
पहले भी कर चुके हैं ऐसा व्यवहार
कंपनी में शेयर होल्डर्स के साथ धोखा और उन्हें कंपनी से अलग करने का यह पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी जंगवीर सिंह के द्वारा कई डायरेक्टर्स को धोखा और डरा-धमका कर बाहर निकाला गया है।
शेयर और हिस्सेदारी पर विवाद
शिकायतकर्ता विशंभर दयाल गुप्ता ने बताया कि कंपनी में उनका 50 प्रतिशत शेयर है, जबकि पहले जंगवीर सिंह का केवल 25 प्रतिशत का ही हिस्सा था। बाकी शेयर दो कर्मचारियों को दे दिए गए हैं, जिससे वे निदेशक बन गए हैं।
दबाव और अनियमितता के आरोप
अब जंगवीर सिंह खुद 45 प्रतिशत के पार्टनर बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कोई हिस्सेदार कंपनी में हो रही मनमर्जी और अनियमितताओं का विरोध करता है, तो उसे धमकाया जाता है।
मीटिंग में हुआ विवाद
विशंभर दयाल गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपनी उम्र और स्वास्थ्य के चलते रिटायरमेंट की बात की थी। 15 मार्च 2025 को कंपनी में हुई मीटिंग में निदेशक हरप्रीत सिंह, भरत सिंह, शीतल दास शर्मा और जंगवीर सिंह मौजूद रहे।
तीन करोड़ की पेशकश और धमकी
शिकायतकर्ता ने बताया कि इस मीटिंग में जंगवीर सिंह ने उन्हें तीन करोड़ रुपए देने की बात कही। लेकिन जब उन्होंने कहा कि वे काम नहीं करना चाहते और अपना शेयर वापस चाहते हैं, तो जंगवीर सिंह ने उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
कंपनी की गतिविधियों पर उठे सवाल
गुप्ता का कहना है कि उन्होंने इस कंपनी को मेहनत से खड़ा किया है, लेकिन अब जंगवीर सिंह की दबंगई के चलते उन्हें बाहर कर दिया गया है। ओवेशन रिमेडी और सई टेक मेडिकेयर जैसी यूनिट्स जंगवीर सिंह के अधीन हैं, जहां उनके रिश्तेदार ऊंचे वेतन पर कार्यरत हैं।
परिवार के सदस्यों को दी गई ऊंची सैलरी
शिकायत में बताया गया कि जंगवीर सिंह के ससुर को ₹60,000, भाई अनिल चौधरी को ₹2 लाख, अनिल का बेटा ₹50,000 और बेटी तथा भाई की बेटी को ₹75,000 सैलरी दी जाती है।
पुराने हादसे से जुड़ा व्यक्ति भी शामिल
मीटिंग में मौजूद शीतलदास शर्मा वही व्यक्ति हैं, जो चार साल पहले शिकायतकर्ता के बेटे की फैक्ट्री में हुई मौत के दौरान मौजूद थे।
परिवार में अब सिर्फ पत्नी और वे खुद
83 वर्षीय विशंभर दयाल गुप्ता का बेटा अब नहीं है और उनका कहना है कि अब सिर्फ उनकी वृद्ध पत्नी और वे खुद ही बचे हैं।
पुलिस ने की पुष्टि, जांच जारी
शिकायतकर्ता ने एसपी सिरमौर से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है। जिला सिरमौर पुलिस प्रमुख निश्चित सिंह नेगी ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है और जांच के आदेश काला अंब थाना प्रमुख को दे दिए गए हैं।
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