सिरमौर की कृतिका शर्मा ने माउंट एवरेस्ट फतह कर रचा इतिहास, हिमाचल का नाम किया रोशन
नाहन
महज 19 साल की उम्र में एवरेस्ट पर लहराया हौसले का झंडा, एनसीसी कैडेट कृतिका बनीं प्रेरणा
राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब की छात्रा कृतिका शर्मा ने महज 19 वर्ष की उम्र में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर इतिहास रच दिया है। वह एनसीसी की एचपी गर्ल्स बटालियन सोलन की दूसरी कैडेट बनी हैं, जिन्होंने यह दुर्लभ सफलता हासिल की है।
4 अगस्त 2024 से शुरू हुआ सफर
कृतिका की यह पर्वतारोहण यात्रा 4 अगस्त 2024 को शुरू हुई थी, जब तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संजय शांडिल ने उन्हें माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए चयनित किया। इसके बाद उन्हें कई ट्रायल कैंप, बेसिक और एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स के माध्यम से कठोर प्रशिक्षण दिया गया।
संकल्प, साहस और संकल्प का परिणाम
कठिन परिस्थितियों में भी डटी रहने वाली कृतिका ने न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्तर पर भी खुद को पूरी तरह से तैयार किया। इस दौरान कर्नल संजय शांडिल ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें मार्गदर्शन दिया। इस अभियान में कृतिका की साथी और मार्गदर्शक बनीं उनकी एनसीसी एसोसिएट ऑफिसर लेफ्टिनेंट पूजा भट्टी।
कॉलेज और बटालियन को गर्व
कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर जगदीश चौहान ने कहा कि यह पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कृतिका को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं कर्नल संजय शांडिल ने कहा कि कृतिका और पूजा भट्टी ने एचपी गर्ल्स एनसीसी बटालियन का परचम एक बार फिर ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है।
युवा पीढ़ी को नई दिशा
कृतिका की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि आज की युवा पीढ़ी नशे और सोशल मीडिया की लत से बाहर निकलकर पर्वतारोहण और खेलों जैसी रचनात्मक गतिविधियों में खुद को समर्पित कर सकती है। यह सफलता युवा कैडेट्स के लिए एक प्रेरणा बनकर सामने आई है।