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सिरमौर जिला के भाजपा नेताओं ने सुक्खू सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, बोले—

Ankita • 13 Oct 2023 • 1 Min Read

HNN/ सिरमौर

सिरमौर जिला भाजपा महासचिव बलबीर ठाकुर, जिला भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष रणबीर ठाकुर और रेणुका युवा मोर्चा के अध्यक्ष मनोज ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर सिरमौर जिला के गिरीपार क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति घोषित किए गए समुदाय के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।

मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि सिरमौर जिला के गिरपार क्षेत्र के हाटी समुदाय को लोकसभा और राज्यसभा से बिल पारित होने के बाद भारत के राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित करने के उपरांत अनुसूचित जनजाति घोषित करने का अध्यादेश लगभग दो महीने पहले हिमाचल सरकार को भेजा गया है परंतु हैरानी इस बात की है कि सुक्खू सरकार इसे लागू करने की बजाय इस पर कुंडली मारकर बैठ गई है।

उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया की सरकार गिरीपार क्षेत्र के अधिकारियों को लोगों के अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र बनाने की बजाय उल्टा मामले को तारपीडो कर रही है। इससे ना केवल अनुसूचित जनजाति घोषित किए गए लोगों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित किया जा रहा है अपितु यहां के बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है।

इसके लिए भाजपा नेताओं ने सिरमौर के काबीना मंत्री हर्षवर्धन चौहान पर भी इस मामले को लटकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले हाटिओं की महाखुयलियों में हर्षवर्धन चौहान ने इस क्षेत्र के लोगों को जनजाति दर्जा दिलाने के लिए अपना खून तक देने का ऐलान किया था परंतु अब वही मंत्री गिरगिट की तरह रंग बदलकर यहां के लोगों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलाने के प्रमाण पत्र जारी कराने में अड़चनें डाल रहे हैं।

भाजपा नेताओं ने सुक्खू सरकार को चुनौती दी कि यदि इस मामले को और अधिक लटकाया गया तो गिरी पार क्षेत्र के हाटी हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरेंगे और सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान को भी चेतावनी दी कि यदि वह इस मामले में ओछी राजनीति से बाज न आए तो उन्हें गिरी पार क्षेत्र में घुसना मुश्किल होगा।

उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर गिरी पार क्षेत्र के लोगों में दिनों दिन रोष बढ़ता ही जा रहा है और अब लोगों के सब्र का बांध टूटने वाला है और कभी भी समस्त हाटी समुदाय के लोग भंयकर संघर्ष का रास्ता अपना सकते हैं जिसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी।