सिरमौर में अटूट प्रेम की अनोखी मिसाल , पत्नी के जाने के 24 घंटे के भीतर पति ने भी तोड़ा दम
Himachalnow / श्री रेणुका जी
वृद्ध दंपति की भावुक करने वाली कहानी, क्षेत्र में शोक की लहर
श्री रेणुकाजी: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के बैडोन गांव से एक मार्मिक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। यहां एक वृद्ध दंपति ने अपने अटूट प्रेम और जीवनभर की साथ निभाने की कसम को अंतिम सांस तक निभाया।
72 वर्षीय लीला देवी का कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद 1 मार्च को निधन हो गया। अपनी जीवन संगिनी के बिना जीने की कल्पना भी ना कर पाने वाले 82 वर्षीय ईश्वर सिंह इस दुख को सहन नहीं कर सके। महज 24 घंटे बाद, 2 मार्च को उन्होंने भी संसार को अलविदा कह दिया।
सेवा और समर्पण से भरा जीवन
दंपति बैडोन गांव में रहते थे और अपने सरल और स्नेहमयी स्वभाव के कारण पूरे क्षेत्र में सम्मानित थे। लीला देवी शिक्षा विभाग से बीपीईओ पद से सेवानिवृत्त हुई थीं, जबकि ईश्वर सिंह भारतीय सेना से रिटायर थे। जीवनभर सेवा और समर्पण की भावना रखने वाले इस जोड़े ने अपने गांव और समाज में प्रेम और आदर्श की मिसाल कायम की।
बेटा पुलिस में अधिकारी, बहू भी पुलिस सेवा में
उनके परिवार में इकलौते पुत्र संदीप नेगी हिमाचल प्रदेश पुलिस में सहायक उप निरीक्षक के रूप में कार्यरत हैं, जबकि उनकी पत्नी भी हिमाचल प्रदेश पुलिस में तैनात हैं। इसके अलावा, उनके परिवार में तीन बेटियां, दो पोते और नाती-नातिन भी हैं।
पत्नी के जाने के बाद बिखर गए ईश्वर सिंह
कुछ समय से यह दंपति अपने पुत्र के साथ नाहन में रह रहे थे। जब लीला देवी का 1 मार्च को नाहन में देहांत हुआ, तो ईश्वर सिंह यह आघात सहन नहीं कर पाए। उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां 2 मार्च को उन्होंने भी अंतिम सांस ली।
अटूट प्रेम की मिसाल, क्षेत्र में शोक और सम्मान
यह घटना सिरमौर और आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। लोग इस दंपति के गहरे प्रेम और जीवनभर के साथ की सराहना कर रहे हैं। उनके जाने से क्षेत्र में शोक की लहर तो है, लेकिन उनके प्रेम की कहानी लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगी।